रिमोट एक्सेस से सॉल्व कर रहे थे SSC पेपर, नकल गिरोह का देहरादून में भंडाफोड़; STF का बड़ा एक्शन

Feb 15, 2026 10:49 am ISTMohit लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) परीक्षाओं में सफलता की गारंटी का दावा करते था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परीक्षा केंद्र को सील कर दिया।

रिमोट एक्सेस से सॉल्व कर रहे थे SSC पेपर, नकल गिरोह का देहरादून में भंडाफोड़; STF का बड़ा एक्शन

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो एसएससी भर्ती परीक्षा में स्टूडेंट्स को पास करवाने करने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने शनिवार को हाई-टेक नकल गिरोह का पर्दाफाश कर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार भी किया है। उत्तराखंड एसटीएफ और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन (परीक्षा केंद्र) में छापेमारी की गई जिसके बाद गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह अभ्यर्थियों को पास कराने की एवज में 10 से 15 लाख रुपये की मांग करता था। गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) परीक्षाओं में सफलता की गारंटी का दावा करते था। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परीक्षा केंद्र को सील कर दिया। पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्यवाही की जाएगी।

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद परीक्षा केंद्र को सील कर दिया।

ऐसे कर रहे थे ऑपरेट

पुलिस के मुताबिक परीक्षा केंद्र पर मल्टी-टास्किंग (ग्रुप-सी) परीक्षा के दौरान फर्जी आईपी (IP) एड्रेस का इस्तेमाल करके ऑनलाइन परीक्षाओं को बाईपास किया गया था। छापेमारी के दौरान परीक्षा केंद्र में यूपीएस रूम में एक खुफिया भूमिगत चैंबर मिला, जहां छिपाकर रखे गए लैपटॉप और राऊटर से रिमोट एक्सेस (कहीं और बैठे व्यक्तियों द्वारा) लेकर अभ्यर्थियों के प्रश्न पत्र हल किए जा रहे थे। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड हकम सिंह और उसके उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ परीक्षाओं के दौरान नकल माफियाओं के खिलाफ लगातार एक्टिव है और गुप्त सूचनाएं मिलने के बाद ही ये कार्रवाई की गई।

रकम लेकर अभ्यर्थियों को बनाते थे बेवकूफ

पुलिस के मुताबिक अगर अभ्यर्थी खुद के दम पर परीक्षा पास कर लेता तो गिरोह इसका क्रेडिट खुद लेता और रकम हड़प लेता था और वहीं अगर फेल हो जाता तो उसे ये कहकर बेवकूफ बनाया जाता था कि अगली परीक्षा में रियायत दी जाएगी। मालूम हो कि बीते साल सितंबर में उत्तराखंड सरकार ने नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया था।

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लेखक के बारे में

Mohit
मोहित ने पत्रकारिता की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान आईआईएमसी दिल्ली से की है। 2016 में डिजिटल मीडिया डेब्यू। अमर उजाला से शुरुआत फिर एनडीटीवी और जनसत्ता से होकर अब लाइव हिंदुस्तान में बतौर डिप्टी कंटेट प्रोड्यूसर पद पर कार्यरत। स्पोर्ट्स की वेब स्टोरीज कवर करते हैं। पॉलिटिक्स में दिलचस्पी रखते हैं। खाली समय में गेम खेलना और खाना पसंद है। और पढ़ें

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