आपदा प्रबंधन में व्यक्तिगत और सामुदायिक समन्वय जरूरी
देहरादून में डीएवी महाविद्यालय में शनिवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें डॉ अनिल वर्मा ने आपदा प्रबंधन और व्यक्तिगत विकास के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक संवेदनशील राज्य है और कुशल प्रबंधन से आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।

देहरादून। डीएवी महाविद्यालय में शनिवार को सामाजिक एवं व्यक्तिगत विकास विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें यूथ रेडक्रॉस कमेटी के मुख्य आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ अनिल वर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन के सन्दर्भ में व्यक्तिगत और सामुदायिक विकास एक सिक्के के दो पहलू के समान हैं। इनमें समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आपदाओं के प्रति बहुत ही संवेदनशील राज्य है। उन्होंने रेस्क्यू, प्राथमिक उपचार आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महाविद्यालय के उप प्राचार्य, प्रशिक्षण शिविर संयोजक व डीन फैकल्टी ऑफ साइंस प्रो एसपी जोशी ने कहा कि आपदाओं को रोकना असंभव है, लेकिन कुशल प्रबंधन व सघन प्रशिक्षण से लोगों के जान माल की हानि को कम किया जा सकता है।
इसके बाद विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रो प्रशांत सिंह, प्रो शशि किरन सोलंकी, प्रो आरके शर्मा, प्रो झरना बैनर्जी आदि मौजूद रहे।
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