
उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी सुधार के लिए होंगे 19 हजार करोड़ के काम
नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री की बैठक में शामिल हुए सीएम धामी,
भविष्य की जरूरतों और सड़क कनेक्टिविटी सुधारने के लिए राज्य में जल्द 19 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं पर काम शुरू होंगे। सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने केंद्र के सहयोग से राज्य में चल रही परियोजनाओं के लिए आभार जताते हुए कहा कि राज्य में तेजी से सड़क सुविधाओं का विकास हो रहा है। इस दौरान उन्होंने मसूरी-देहरादून के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के तहत 40 किमी किमाड़ी सड़क परियोजना शुरू की जा रही है।
इस परियोजना पर करीब चार हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। दस हजार करोड़ रुपये की 197 किमी लंबे हरिद्वार-हल्द्वानी हाई-स्पीड कॉरिडोर, देहरादून रिंग रोड तथा लालकुआं-हल्द्वानी-काठगोदाम बाईपास जैसी परियोजनाएं तैयारी एवं डीपीआर चरण में हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तरकाशी में सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में सिविल कार्य लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस प्रतिशत सिविल कार्य में सुरंग के बीचों-बीच दीवार निर्माण का काम पांच-छह माह में पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल कार्य शुरू किया जाएगा। मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। कहा कि इन परियोजनाओं के निर्माण से गढ़वाल, कुमाऊं की आपसी कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में गतिमान परियोजनाओं को गुणवत्ता बनाए रखते हुए काम तेज गति से किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के निर्माण में समय सीमा का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, हर्ष मल्होत्रा आदि मौजूद रहे। ऑल वेदर प्रोजेक्ट से मजबूत हुई कनेक्टिविटी बैठक के दौरान राज्य में सड़क कनेक्टिविटी सुधारने के लिए तैयार की गई ऑल वेदर रोड परियोजना पर भी चर्चा हुई। जिसमें बताया गया कि इस परियोजना के तहत राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को टू लेन बनाया गया है। जिससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों के साथ साथ सीमावर्ती क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। मुख्चमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य में ब्लैक स्पॉट सुधार, क्रिटिकल जंक्शनों पर एक्सेस कंट्रोल, प्रभावी साइनेज और आधुनिक सड़क सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ऑपरेशन और मेंटेनेंस परियोजनाओं के माध्यम से सड़कों को वर्षभर सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने की व्यवस्था की गई है।

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