
वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे जिलाधिकारी:धामी
सीएम ने भरण-पोषण और कल्याण एक्ट का पालन के दिए निर्देश जिलाधिकारियों को अधिकरण का
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने बुधवार को कहा है कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को गरिमा और संरक्षण प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है। सभी जिलाधिकारी वरिष्ठ नागरिकों की समस्याएं सुन उनका समाधान करेंगे। इसके लिए जिलाधिकारियों को जिला स्तरीय अपीलीय अधिकरण का पीठासीन अधिकारी भी बनाया गया है। धामी ने समाज कल्याण विभाग के अफसरों को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लागू ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण पोषण और कल्याण अधिनियम प्रभावी ढंग से पालन के निर्देश दिए। कहा कि यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों एवं माता-पिता को उनके बच्चों, बालिक पोते-पोतियों अथवा संपत्ति के उत्तराधिकारियों से भरण-पोषण की वैधानिक व्यवस्था प्रदान करता है।
इस कानून को अमल में लाने के लिए राज्य में जिला स्तर पर13 अपीलीय भरण-पोषण अधिकरण एवं सब डिविजन स्तर पर 69 से अधिक भरण-पोषण अधिकरण कार्यरत हैं। जहां भरण-पोषण की राशि अधिकतम ₹10,000 प्रति माह निर्धारित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अपीलीय अधिकरण के पीठासीन अधिकारी जिला मजिस्ट्रेट हैं, इसलिए उन पर इस कानून को सख्ती से अमल में लाते हुए, वरिष्ठ नागरिकों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी है। साथ ही तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी भरण पोषण संबंधित अधिकरण के पीठासीन अधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी पदेन भरण-पोषण अधिकारी के रूप में जिम्मेदार बनाए गए हैं। ---- संपत्ति हस्तांतरण में सुरक्षा प्रावधान इस कानून के तहत यदि कोई वरिष्ठ नागरिक देखभाल की शर्त पर संपत्ति हस्तांतरित करता है, लेकिन इसके बाद तय शर्तें पूरी नहीं होतीं, तो अधिकरण उस हस्तांतरण को अमान्य घोषित करते हुए, संपत्ति की वापसी सुनिश्चित कर सकता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बागेश्वर, चमोली एवं उत्तरकाशी में निशुल्क वृद्ध एवं निशक्तजन आवास गृह संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिक कल्याण के लिए परिषद का भी गठन किया है। -- राज्य सरकार अपने वरिष्ठ नागरिकों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। वरिष्ठ नागरिकों से विनम्र अपील है कि यदि आप जीवन-यापन के लिए उपेक्षित महसूस करते हैं, तो अविलंब अपने नजदीकी भरण-पोषण अधिकरण अथवा जिला समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें। पुष्कर धामी मुख्यमंत्री

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