
कांग्रेस ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी
संक्षेप: उत्तराखंड राज्य निर्माण की 25वीं वर्षगांठ पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शहीद स्थल कचहरी में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर बेरोजगारी और स्थायी राजधानी की अनदेखी का आरोप लगाया। प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने शहीदों का नमन किया और आंदोलन की अहमियत को बताया।
उत्तराखंड राज्य निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शहीद स्थल कचहरी में राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार आज प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को ठगने का काम कर रही है। उन्होंने स्थाई राजधानी घोषित नहीं होने पर भाजपा सरकार को घेरा। उत्तराखंड राज्य निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष को प्रदेश भर में धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के नेतृत्व में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश महामंत्री एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र शाह ने शहीद स्थल कचहरी में राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि हम सभी शहीदों को शत-शत नमन करते हैं जिन्होंने इस आन्दोलन में अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि अलग उत्तराखंड राज्य निर्माण का सपना आंदोलन के शहीदों की शहादत के कारण साकार हो पाया। उत्तराखंड राज्य शहीद आंदोलनकारियों की धरोहर है। उत्तराखंड राज्य आन्दोलन में मातृ शक्ति, छात्र शक्ति, युवा शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। राज्य निर्माण आन्दोलन में मसूरी, खटीमा तथा मुजफ्फरनगर के गोलीकांड के शहीदों की बड़ी भूमिका रही है जिसने राज्य निर्माण आंदोलन को मुकाम तक पहुंचाया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि चाहे मसूरी गोलीकांड हो या खटीमा राज्य निर्माण में सबसे अधिक शहादत कांग्रेस के लोगों ने दी है। उन्होंने कहा कि 1931 में जब पंडित जवाहरलाल नेहरू श्रीनगर आये थे तब उन्होंने भी छोटे राज्यों की आवश्यकता पर बल दिया था। कहा कि आज प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को ठगने का काम सरकार कर रही है। हमें सोचना होगा कि हमने इन 25 वर्षों में क्या खोया-क्या पाया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि इन 25 वर्षां में उत्तराखंड राज्य ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। आज भी उत्तराखंड के सामने अनेक चुनौतियां हैं, विशेषकर महिलाओं एवं युवा पीढ़ी का भविष्य उत्तराखंड में सुरक्षित रहे। सबसे बड़ी चुनौती राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन की है जिसे रोकने के लिए ठोस प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकारों ने अपने कार्यकाल में जनता की उपेक्षा तथा झूठे वादे करने के अलावा कुछ नहीं किया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिर्फ राज्य गठन का श्रेय लेना चाहती है। उत्तराखंड राज्य के साथ ही दो अन्य राज्यों झारखंड और छत्तीसगढ़ का भी निर्माण हुआ था इन दोनों राज्यों को अपनी स्थायी राजधानी निर्माण के समय ही मिल गई जबकि उत्तराखंड में अभी तक स्थायी राजधानी का चयन नहीं हो पाया है। राज्य आन्दोलनकारी एवं लोकसंस्कृति के संवाहक सतीश धौलाखंडी ने जहां लड़ना है भाई ये लम्बी लड़ाई है.. गीत गाकर मंत्रमुग्ध किया। जयदीप सकलानी ने 2027 में कांग्रेस की सरकार बनने पर कांग्रेस को समर्पित ‘‘ बैठकों में हल टंगे हैं बल हमारे गांव में अब प्रधानों के मजे हैं अब हमारे गांव में... गीत गाकर पलायन पर कटाक्ष किया। प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह ने कहा कि जन गीतों के माध्यम से जिन बातों को उठाया है कांग्रेस पार्टी उन्हें धरातल पर उतारने का प्रयास करेगी। -- यह रहे नेता मौजूद श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधायक विक्रम नेगी, महामंत्री नवीन जोशी, हरिकृष्ण भट्ट, संजय शर्मा, नीनू सहगल, वीरेंद्र पोखरियाल, मोहन खत्री, प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, सुनीत सिंह राठौड़, महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, शीशपाल बिष्ट, पार्षद संगीता गुप्ता अमित भंडारी मोनिका चौधरी, मानवेंद्र सिंह, महेश जोशी, सुमित्रा ध्यानी, सत्य पोखरियाल, दीप बोहरा, रामलाल खण्डूरी, पूर्व सैनिक विभाग अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, गोपाल गडिया, बलवीर सिंह, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ अध्यक्ष मदन लाल, अनुराग गुप्ता आदि अनेक कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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