दून अस्पताल में अब कमेटी बांटेगी डेढ़ करोड़ का इंसेंटिव, विवाद रोकने को बनी रणनीति
10 करोड़ की कमाई का 15 फीसदी हिस्सा डॉक्टरों और कर्मचारियों को मिलेगा बतौर प्रोत्साहन
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ को मिलने वाले इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) के वितरण में अब पारदर्शिता बरती जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने पुराने विवादों से सबक लेते हुए वितरण के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया है। अब इसी कमेटी की निगरानी में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि बांटी जाएगी। अस्पताल को एक मार्च से 31 दिसंबर 2025 के बीच मरीजों के इलाज, जांच और अन्य मदों में सोसायटी के माध्यम से करीब 10 करोड़ रुपये की आय हुई है। नियमानुसार, अस्पताल प्रशासन अपनी कुल कमाई का 15 फीसदी हिस्सा डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों को इंसेंटिव के रूप में देता है।
इस हिसाब से यह राशि लगभग 1.5 करोड़ रुपये बनती है। एमएस की अध्यक्षता में बनी कमेटी इंसेंटिव वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए एमएस डॉ. आरएस बिष्ट की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसमें डिप्टी एमएस डॉ. एनएस बिष्ट, सर्जरी एचओडी डॉ. अभय कुमार, मेडिसिन एचओडी डॉ. विवेकानंद सत्यवली, एएनएस दीपशिखा, आयुष्मान समन्वयक दिनेश रावत और लेखा इंचार्ज सविता भट्ट को शामिल किया गया है। यह कमेटी पात्रों का चयन कर न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करेगी। इसलिए जरूरत पड़ी दरअसल, पूर्व में इंसेंटिव वितरण को लेकर अस्पताल में काफी विवाद हुआ था। सुरक्षा कर्मियों और लिपिक संवर्ग (बाबुओं) ने बेहद कम राशि मिलने और कुछ कर्मचारियों को लाभ न मिलने की शिकायतें की थीं। भेदभाव के आरोपों और असंतोष को देखते हुए इस बार कमेटी के जरिए पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने का निर्णय लिया गया है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



