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30 सितम्बर, 2020|11:18|IST

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मसूरी के इतिहास पर बनी फिल्म को मिला,दादा साहेब फाल्के अवार्ड

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मसूरी के इतिहास पर बनी फिल्म को दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिलने से शहर में खुशी का माहौल बना हुआ है।

इस बारे में जानकारी देते हुए लेखक गणेश शैली ने बताया कि सवाय होटल के स्वामी द्वारा उनसे कहा गया था कि मसूरी के इतिहास पर एक फिल्म रिकार्ड कर दो,एक टाइम आयेगा जब हम भी नहीं रहेगें और तुम भी नहीं रहोगे केवल हिस्ट्री ही रह जायेगी,जिसके बाद उनके व चार अन्य जवान युवकों द्वारा सवाय होटल के माध्यम से मसूरी के संपूर्ण इतिहास पर कम बजट में एक घंटे की इस फिल्म को बनाया गया,जिसमें केमरामैन अभिषेक नेगी को गुरूवार को दादा साहेब फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट सिनेमेटोग्राफी अवार्ड मिला है। वहीं फिल्म को डॉक्यूमेंट्री सेक्सन में बेस्ट फिल्म ऑफ डॉक्यूमेंट्री 2020 दादा साहेब फाल्के अवार्ड मिला है। इसके अलावा फिल्म को अब तक 17 इंटरनेशनल अवार्ड मिलाकर 19 अवार्ड मिल चूके हैं।बताया कि फिल्म की कहानी सवाय सागा ऑफ आईकोन के नाम से है। कहा कि हिस्ट्री रेता,बजरी,सिमेंट नहीं होता हिस्ट्री का मतलब है कौन आया कौन गया,उसी के आधार पर इस फिल्म को सवाय होटल में सुबह 6 बजे से लेकर सांय 6 बजे तक बिना रूके चार दिन में पूरा किया गया था।

उन्होंने बताया कि शहर के हैरिटेज होटल सवाय में इस फिल्म को चार दिन में बनाया गया, था,जिसमें मसूरी के संमर्पूण इतिहास को दर्शाया गया है। उन्होंने बताया कि मेरा शौभाग्य है कि मुझे इस फिल्म में काम करने का मौका मिला मेरे द्वारा फिल्म को एंकर किया गया है। फिल्म का मेरे लिए अचिवमेंट ये रहा है एंकरिंग में कहीं भी रिटेक नहीं किया गया।

कहा कि पहली बार किसी शहर की हिस्ट्री पर कोई फिल्म रिकार्ड की गई पर्यटन को भी इससे बहुत फायदा मिलेगा। फिल्म में शहर की 135 स्टेटों का जिक्र किया गया है।

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  • Web Title:The film on the history of Mussoorie received the Dadasaheb Phalke Award