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ऑटो संचालक बोले- विभाग केस दर्ज कर रहा है, हम जेल नहीं जाना चाहते

auto rickshaw

परिवहन विभाग की सख्त कार्रवाई से दहशत में आए ऑटो-रिक्शा संचालकों ने सोमवार से ही बच्चों को स्कूल नहीं छोड़ने का ऐलान कर दिया था।
सोमवार को अधिकांश ऑटो संचालकों ने बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाने से साफ मना कर दिया था।  संचालकों का कहना है कि विभाग ड्राइवरों पर केस दर्ज कर रहा है। जमानत भी सीधे न्यायालय से रही  है। इसलिए हम जेल नहीं जाना चाहते। हमारे इस फैसले से अभिभावकों  को होने वाली परेशानी के लिए क्षमा मांगते हैं।  दून ऑटो-रिक्शा यूनियन में ऑटो संचालकों ने परिवहन विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई पर रोष जताया। अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने कहा कि देहरादून में कुछ साल पहले बच्चों को स्कूल और घर छोड़ने का साधन सिर्फ ऑटो था, लेकिन वर्तमान में  परिवहन विभाग नये-नये नियम लागू कर ऑटो वालों का उत्पीड़न कर रहा है। बच्चों को स्कूल ले जाने वाले ऑटो संचालकों पर केस दर्ज किया जा रहा है। इसलिए हमें मजबूर होकर बच्चों को स्कूल छोड़ने का काम बंद करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि परिवहन विभाग और सरकार ऑटो-रिक्शा संचालकों की रोजी-रोटी छीनने का काम कर रही है। हमारे करीब 1500 ऑटो बच्चों को छोड़ने का काम करते हैं, जिनका रोजगार का जरिया सिर्फ यही है। 


 

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  • Web Title:students parents suffer as most of auto rickshaw remains of the road