मसूरी में दवाओं की दुकानें बंद, भटके मरीज और तीमारदार
-जन औषधि केंद्र बंद होने के कारण मरीजों को दवाई नहीं मिली -ऑनलाइन बिक्री के

ऑनलाइन बिक्री के विरोध में मेडिकल स्टोर संचालकों की हड़ताल से मरीजों की मुसीबत बढ़ गई। मरीजों को दवाओं के लिए भटकना पड़ा। बुधवार की सुबह मसूरी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र से मरीज उप जिला चिकित्सालय सिविल अस्पताल पहुंचे जहां मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग दवा लेने पहुंचे तो कई अपना इलाज करने के लिए अस्पताल पहुंचे लेकिन इमरजेंसी के अलावा ना तो मरीजों को इलाज मिला। साथ ही अस्पताल में मेडिकल स्टोर व जन औषधि केंद्र बंद होने के कारण मरीजों को दवाई नहीं मिली।इसके चलते लोग भटकते रहे। अस्पताल पहुंचे गौरव,सीमा,कविता ने बताया कि वह अस्पताल में अपना इलाज करने के लिए आए थे लेकिन यहां पर डॉक्टर ना होने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा। मेडिकल स्टोर भी बंद है जिससे दवा भी नहीं मिल पाई। शहर में सभी मेडिकल स्टोर व जन औषधि केंद्र बंद रहे। पर्यटक दवा लेने के लिए मेडिकल स्टोर पहुंचे लेकिन सभी बंद होने के कारण पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ाl दिल्ली से मसूरी पहुंचे पर्यटक समीर शुक्ला ने बताया कि वह सुबह मसूरी पहुंचे थे रास्ते में तबीयत खराब होने के कारण मेडिकल स्टोर आए हैं लेकिन मेडिकल स्टोर बंद होने के कारण उन्हें दवा नहीं मिल पाई。
मसूरी में भी सभी केमिस्टों ने प्रतिष्ठान बंद रखे
बुधवार को भारत केमिस्ट एसोसिएशन के तत्वाधान में विभिन्न समस्याओं को लेकर देश व्यापी हड़ताल के तहत मसूरी में भी सभी केमिस्टों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। जिस कारण रोगियों सहित पर्यटकों को भी दवाओं के लिए भटकना पड़ा यहां तक कि जनऔषधि सेंटर भी बंद रहे। स्थानीय मेडिकल स्टोर संचालक मनोज अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन दवा का विरोध किया जा रहा है जिसके तहत मसूरी में सारे कैमिस्ट और जन औषधि केंद्र यूनिटी के साथ बंद रहे। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन दवाइयां लोगों के स्वास्थ्य पर पूरा असर डाल रहे हैं।
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