Dehradun News: सनातन संस्कृति के प्रति दूरी और नशा की बढ़ती प्रवृत्ति चिंतनीय: डॉ दुर्गेश

हिन्दुस्तान, देहरादून
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Dehradun News: नई टिहरी में गंगा विश्व शांति सद्भावना समिति द्वारा शहीद सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों की याद में 14 से 24 सितंबर तक शिव महापुराण का आयोजन किया जाएगा। कथा का शुभारंभ 14 सितंबर को एक कलश यात्रा से होगा, जिसमें राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज प्रवचन देंगे।

सनातन संस्कृति के प्रति दूरी और नशा की बढ़ती प्रवृत्ति चिंतनीय: डॉ दुर्गेश
सनातन संस्कृति के प्रति दूरी और नशा की बढ़ती प्रवृत्ति चिंतनीय: डॉ दुर्गेश

Dehradun News: नई टिहरी। गंगा विश्व शांति सद्भावना समिति की ओर से शहीद सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में बौराड़ी शहीद स्मारक में 14 से 24 सितंबर तक शिव महापुराण का आयोजन किया जाएगा। कथा के शुभारंभ पर 14 सितंबर को सतेश्वर महादेव मंदिर से शहीद स्मारक तक अपराह्न दो बजे भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। आयोजन को लेकर समिति की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिव महापुराण कथा में राष्ट्रीय संत डॉ.दुर्गेश आचार्य महाराज प्रवचन करेंगे। नई टिहरी पहुंचने पर समिति की ओर से राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज का स्वागत और अभिनंदन किया गया।

रविवार को नई टिहरी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ. दुर्गेश आचार्य महाराज ने नई पीढ़ी में सनातन धर्म,संस्कृति और संस्कारों के प्रति दूरी और नशा की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि संस्कार किसी भी समाज की नींव होते हैं। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने,संस्कारों की पुनर्स्थापना के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहने चाहिए,बल्कि इनके माध्यम से समाज में संस्कार, सेवा और सद्भाव की भावना भी मजबूत होनी चाहिए। नेपाल में आई आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति उन्होंने संवेदना व्यक्त की और विश्व कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि नेपाल की आपदा से हमें सीख लेने की जरूरत है। हिमालय और प्रकृति के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ के परिणाम गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की यात्रा को केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। तीर्थस्थलों पर जाने के पीछे तीर्थाटन की भावना होनी चाहिए। श्रद्धालुओं को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहना होगा। इससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ हिमालय और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी मजबूत होगा। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष राकेश राणा, कोषाध्यक्ष महावीर उनियाल, गणेश भट्ट, संरक्षक गोविंद पुंडीर, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष टीकम सिंह चौहान, गणेश भट्ट, अनिता थपलियाल, शैला देवी, कल्पना भट्ट, अंबिका नैथानी, सोनम भंडारी, राम देई रावत, सपना कठैत आदि मौजूद थे।

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