
एम्स की रिसर्च : उत्तराखंड के 80 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी, जानिए पांच लक्षण
संक्षेप: उत्तराखंड के 80 फीसदी लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। एम्स ऋषिकेश की ओपीडी में ऐसे लोगों की संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है। डॉक्टर गलत खानपान और मिलावट के साथ केमिकल्स का प्रयोग इसकी मुख्य...
उत्तराखंड के 80 फीसदी लोग विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं। एम्स ऋषिकेश की ओपीडी में ऐसे लोगों की संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है। डॉक्टर गलत खानपान और मिलावट के साथ केमिकल्स का प्रयोग इसकी मुख्य वजह बता रहे हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में जनरल मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 200 लोग आते हैं। इनमें 150 से अधिक लोगों में विटामिन डी की कमी पाई जा रही है। खास बात यह है कि चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के लोगों इससे अधिक प्रभावित हैं। अमूमन 30 से 90 फीसदी विटामिन डी इंसान के अंदर होना जरूरी है। लेकिन यहां 15 फीसदी से नीचे देखा जा रहा है। वर्ष 2015 में 30 हजार, 2016 में 40 हजार और 2017 में अब तक 50 हजार लोगों में विटामिन डी की कमी पाई गई है।
राज्यभर में जागरूकता कैंप लगाने की तैयारी
एसोसिएट प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनल मेडिसिन डॉ. रविकांत का कहना है कि लोगों में विटामिन डी की कमी चिंता की बात है। इसका मुख्य कारण पाश्चात्य खानपान, मिलावट और केमिकल्स का प्रयोग है। मधुमेह से पीड़ित मरीजों में विटामिन डी की मात्रा 5 से 10 फीसदी के बीच मिल रही है। जबकि न्यूनतम 30 फीसदी होनी चाहिए। इसके लिए राज्यभर में जागरूकता कैंप लगाने पर विचार किया जा रहा है।
क्या है विटामिन डी
डॉक्टरों के अनुसार, विटामिन डी शरीर में पाया जाने वाला बेहद महत्वपूर्ण तत्व है। यह प्रो हार्मोन का एक समूह होता है, जो शरीर में कैल्शियम बनाने के लिए मदद करता है। सूर्य की रोशनी और प्राकृतिक खानपान की चीजों में यह पाया जाता है। इसकी कमी से मांशपेशियों में दर्द, बिना मेहनत के थकान और तनाव हो सकता है।
ये हैं पांच लक्षण
1. यदि आप हड्डियों में दर्द व कमजोरी के साथ ही मांसपेशियों में लगातार दर्द महसूस कर रहे हैं, तो यह विटामिन डी की कमी के कारण हो सकता है। विटामिन डी हड्डियों के लिए अति आवश्यक होने के साथ ही दांतों और मांसपेशियों के लिए भी बहुत जरूरी पोषक तत्व है।
2. अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही है, तो इसका असर आपके ब्लड प्रेशर यानि रक्तचाप पर पड़ सकता है। इसकी कमी से अक्सर उच्च रक्तचाप कर समस्या पैदा होती है।
3. खास तौर से महिलाओं में विटामिन डी की कमी से तनाव की समस्या पैदा हो जाती है और इसके कारण वे लगातार उदासी महसूस करती हैं। महिलाओं में विटामिन डी की आवश्यकता अधिक होती है।
4. शरीर में विटामिन डी की कमी का सीधा असर आपके मूड पर पड़ता है। इसकी कमी से शरीर में सेरोटोनिन हार्मोन के निर्माण पर असर पड़ता है जो आपके बदलते मूड के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
5. अगर आप अपने अंदर ऊर्जा की महसूस करते हैं और लगातार थकान व आलस से भरा महसूस करते हैं, तो शरीर में विटामिन डी के स्तर की जांच करवाइए। विटामिन डी की कमी के कारण भी हो सकता है।
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