ष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में किया प्रदर्शन
फोटो- रिटायर्ड कर्मचारियों ने पेंशन के अलावा संस्थान से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए -उच्च

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान में तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। मंगलवार को राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून के कर्मचारियों की पेंशन 1 जनवरी 2026 से बंद होने के विरोध में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। सरकार के स्तर पर इस पर अभी तक कोई ठोस निर्णय लिए जाने की उम्मीद में सेवानिवृत्त कर्मचारी निराश हैं। रिटायर्ड कर्मचारियों ने पेंशन के अलावा संस्थान से जुड़े अन्य मुद्दे भी उठाए। उन्होंने संस्थान में पिछले चार वर्षों से निदेशक की नियुक्ति न होने पर रोष जताया। कर्मचारियों का कहना है कि निदेशक के अभाव में अधिकारी निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं, जिसके कारण निर्णयों के क्रियान्वयन में अनावश्यक रूप से अत्यधिक विलंब हो रहा है।
संस्थान के कर्मचारियों के मेडिकल बिल आदि समय पर पास होने में बहुत समय लगता है। इसी तरह पिछले 10 - 12 साल से भी अधिक समय से आउटसोर्स और अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में हर वर्ष 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि का जो प्रावधान किया गया था, वह भी उन्हें नहीं दिया जा रहा। इसके लिए यदि किसी से बात करने की कोशिश की जाती है तो सक्षम प्राधिकारी के न होने से उनकी मांगों पर कोई उचित कार्रवाई नहीं होती। कहा कि उच्च और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कर्मचारियों के पक्ष में कई फैसले दिए गए हैं लेकिन संस्थान प्रशासन उनका लागू नहीं करता है।इससे कर्मचारी न्याय से वंचित हो रहे हैं। यूनियन ने मांग की कि न्यायालय के ऐसे सभी निर्णयों का सम्मान किया जाना चाहिए।कहा कि संस्थान के स्तर के उच्चीकरण में वे अपनी बात रखने के लिए वे सचिव से मिलकर अपनी बात रखेंगे। वहीं, प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आकर कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया। आंदोलन के दूसरे दिन वीरेंद्र सिंह, पूर्व ब्रेल विकास अधिकारी, बी. डी. शर्मा, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, राजकुमार बत्रा, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, राकेश मल्ल, लक्ष्मी पोखरियाल, सुभाष बिंजोला, अंजना भगत आदि ने संबोधित किया। इस दौरान यूनियन के अध्यक्ष जगदीश कुकरेती, हरीश पंवार, अमोद सिंह, हिमांशु थापा, अंकित उपाध्याय, रवि, देवी लाल आदि मौजूद थे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




