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श्रम संहिताओं के विरोध में ट्रेड यूनियनों और किसानों ने किया प्रदर्शन

श्रम संहिताओं के विरोध में ट्रेड यूनियनों और किसानों ने किया प्रदर्शन

संक्षेप:

उत्तराखंड में संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति और संयुक्त किसान मोर्चा ने गांधी पार्क के बाहर श्रम संहिताओं के खिलाफ और एमएसपी की गारंटी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नए श्रम संहिताओं से मजदूरों के अधिकार समाप्त होंगे और पूंजीपतियों को लाभ होगा।

Nov 26, 2025 07:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देहरादून
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श्रम संहिताओं के विरोध व एमएसपी की गारंटी को लेकर उत्तराखंड संयुक्त ट्रेड यूनियन संघर्ष समिति व संयुक्त किसान मौर्चा की ओर से बुधवार को गांधी पार्क के बाहर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सीटू, ऐटक, इंटक उत्तराखंड किसान सभा से जुड़े कार्यकर्ता और किसान सीटू कार्यालय से जलूस के रूप मे गांधी पार्क पहुंचे। यहां सीटू के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, प्रांतीय सचिव लेखराज, इंटक के प्रांतीय महामंत्री पंकज, जिलाध्यक्ष अनिल कुमार, ऐटक के प्रांतीय महामंत्री अशोक शर्मा, उपाध्यक्ष समर भंडारी, उत्तराखंड किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सजवाण, महामंत्री गंगाधर नौटियाल, सीटू के जिलाध्यक्ष अध्यक्ष एसएस नेगी, बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश, ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के प्रांतीय महामंत्री शम्भू प्रसाद मामगाई ने विचार व्यक्त किए।

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वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2020 में विपक्षी सांसदों की गैर मौजूदगी में 44 श्रम कानूनों में से 29 श्रम कानूनों के स्थान पर मजदूर विरोधी 4 श्रम संहिता बनाई थी। जिन्हें केंद्र सरकार ने 21 नवंबर 2025 को लागू किया। उन्होंने कहा कि इन श्रम संहिताओं के लागू होने से मजदूरों के सारे अधिकार समाप्त हो जाएंगे। वक्ताओ ने चारों श्रम संहिताओं को काला कानून बताया और कहा कि इससे पूंजीपतियों व मालिकों को फायदा होगा और श्रमिकों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मजदूर इन श्रम संहिताओं के खिलाफ व्यापक आंदोलन करेगा। इस दौरान किसान नेता शिवप्रसाद देवली, सीटू उपाध्यक्ष भगवंत सिंह पयाल, राजेंद्र पुरोहित, सीटू के सचिव अभिषेक भंडारी, प्रेमा, बैंक कर्मचारी यूनियंस के एसएस रजवार, किरण यादव, शिवा दुबे, सुनीता चौहान, अर्जुन रावत, जनवादी महिला समिति कि उपाध्यक्ष नुरेशा अंसारी, किसान नेता जगदीश कुड़ियाल आदि मौजूद रहे।