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भारी बारिश के चलते पैदल वैकल्पिक मार्ग त्रिखली और कुंसाला के बीच टूटा

Rainfall in Uttarakhand

भारी बारिश के चलते पहले डबरकोट और अब पैदल वैकल्पिक मार्ग भूस्खलन के कारण त्रिखली और कुंसाला के बीच क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण तीर्थयात्रियों को जोखिम भरे रास्ते से आधा किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसके अलावा बनास के पास जंगलचट्टी में भी भू-धंसाव से हाईवे बंद है। एनएच की ओर से इसे खोलने का प्रयास जारी है। डबरकोट में ओजरी के पास यमुनोत्री हाईवे नहीं खुलने से यमुनोत्री धाम जाने वाले सैकड़ों यात्री परेशान हैं। यहां पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण इस मार्ग को खोलने का काम नहीं हो पा रहा है। डबरकोट में हाईवे बंद होने से तीर्थयात्री वैकल्पिक तौर पर पैदल मार्ग से यमुनोत्री धाम जा रहे थे। लेकिन, तेज बारिश से हुए भूस्खलन के कारण यह मार्ग भी त्रिखली और कुंसाला के बीच क्षतिग्रस्त हो गया। गीठ क्षेत्र के 12 गांव के लोगों को भी बड़कोट से गांव तक रोजमर्रा की वस्तुओं को लाने-ले जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

यमुनोत्री और गीठ क्षेत्र में दो दिन से बिजली गुल 
बड़कोट। यमुना घाटी में तेज बारिश का कहर जारी है। राजतर में भूधंसाव से 33 केवी की मुख्य लाइन वाला बिजली पोल टूटकर बह गया। इस कारण यमुनोत्री धाम सहित गीठ पट्टी के 12 से अधिक गांवों में दो दिन से अंधेरा पसरा हुआ है। हालांकि, ओजरी में रविवार हो बिजली बहाल कर दी गई। मगर, गीठ और यमुनोत्री क्षेत्र में दूसरे दिन भी बिजली नहीं आ सकी। बड़कोट से छह किमी दूर राजतर में यमुना नदी के तेज बहाव से जगह-जगह भूधंसाव हुआ। इस दौरान ऊर्जा निगम का 33 केवी की मुख्य लाइन वाला बिजली पोल भी गिरकर बह गया। इससे यमुनोत्री और गीठ क्षेत्र में बिजली सप्लाई होती थी। मगर, पोल बह जाने से क्षेत्र के लगभग 12 गांवों में दो दिन से बिजली ठप है। 
 

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  • Web Title:pedestrian route damages due to heavy rainfall at yamunotri shrine