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देहरादून

पाराचिनार बिरादरी ने श्रद्धा पूर्वक मनाई आषाढ़ की संग्रांद

हिन्दुस्तान टीम,देहरादूनPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:20 PM
पाराचिनार बिरादरी ने श्रद्धा पूर्वक मनाई आषाढ़ की संग्रांद

देहरादून। कार्यालय संवाददाता

पाराचिनार बिरादरी देहरादून ने अषाढ़ मास की संग्रांद का कार्यक्रम पूर्ण श्रद्धा पूर्वक कथा-कीर्तन के रूप में मनाया। प्रात: गुरुद्वारा गुरु नानक अमृत दरबार, मच्छी बाजार अंसारी मार्ग में हेड ग्रंथी साहिब एवं संगत ने मिल कर श्री सुखमनी साहिब जी का पाठ किया।

हजुरी रागी भाई कुलदीप सिंह ने शबद आषाढ़ तपन्दा तिस लगे, हरि नाह न जिना पास..,का गायन कर संगत को निहाल किया। हेड ग्रंथी भाई गुरविंदर सिंह ने महीने की कथा करते हुए कहा कि आषाढ़ का महीना उन मनुष्यों के लिए बहुत कष्टदायक हो जाता है, जिनके हृदय में प्रभु का नाम नहीं होता है। बिरादरी के संरक्षक पंडित अनूप चंदन ने कहा कि बिरादरी प्रति वर्ष यह कार्यक्रम श्रद्धा एवं उत्साह पूर्वक मनाती है। इस बार कोरोना के कारण कार्यक्रम को सूक्ष्म रूप में किया गया। प्रधान प्रवीण कुकरेजा एवं सचिव अमरजीत सिंह कुकरेजा ने आई हुई संगत का धन्यवाद किया। कार्यक्रम के पश्चात संगत ने सूक्ष्म जलपान ग्रहण किया। इस अवसर पर विशेष रूप से पंडित अनूप चंदन, प्रवीण कुकरेजा, अमरजीत सिंह कुकरेजा, अरविन्द सिंह रतरा, बॉबी भटियानी, सुरेन्द्र सुखीजा एवं स्त्री सत्संग की बीबियां उपस्थित थी। कार्यक्रम में सरकारी गाइड लाइन का पूर्ण रूप से पालन किया गया।

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