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उत्तराखण्ड‍ के शिक्षकों को डीएलएड में एक और राहत

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अप्रशिक्षित शिक्षकों को डीएलएड में रजिस्ट्रेशन के लिए राहत देते हुए राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्था (एनआईओएस) अंतिम मौका दिया है। एनआईओएस के क्षेत्रीय निदेशक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि डीएलएड की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2017 थी। इस अवधि में जिन शिक्षकों की फीस जमा नहीं हो पाई है, वो पांच जनवरी तक जमा करा सकते हैं। साथ ही जिन शिक्षकों को फीस जमा होने के बाद भी प्रिंसीपल के स्तर से सत्यापन नहीं हुआ है, उन्हें 15 जनवरी तक का वक्त और दे दिया गया है। इसके बाद किसी की न तो फीस ही जमा की जाएगी और न ही आवेदन पत्र स्वीकार किया जाएगा।

मालूम हो कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने प्राथमिक स्तर के शिक्षक के लिए मानक तय किए हैँ। इसके अनुसार वर्ष 2001 से के बाद बेसिक स्तर पर नियुक्त हर शिक्षक को सभी शैक्षिक योग्यताएं पूरी करनी अनिवार्य हैं। 31 मार्च 2019 से पहले पहले बिना बीएड वाले शिक्षकों को डीएलएड और बीएड पास शिक्षकों को छह माह का ब्रिज कोर्स करना है। अन्यथा उनकी सेवाएं समाप्त हो जाएंगी।

दूसरी तरफ, राज्य में विशिष्ट बीटीसी कोर्स के आधार पर नियुक्त 13 हजार से ज्यादा शिक्षकों के मामले में तस्वीर अब तक साफ नहीं है। 13 हजार में से केवल 2500 के करीब शिक्षकों ने ही ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन किया है। बाकी शिक्षकों ने विरोध स्वरूप रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। राज्य के काफी दबाव के बावजूद केंद्र सरकार ने राज्य की विशिष्ट बीटीसी वाले शिक्षकों को छूट देने को फिलहाल कोई निर्णय नहीं किया। हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि शिक्षकों के हितों केा प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का कहना है कि सरकार विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के लिए लगातार प्रयासरत हैँ। उनका नुकसान नहीं होने देंगे।

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  • Web Title:one more chance to untrend teachers