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आंधी-बारिश से एक लाख लोगों की बिजली गुल,लोगों ने झेली भारी परेशानी

बारिश और आंधी के चलते शहर और देहात क्षेत्र के करीब एक लाख लोगों की बिजली गुल हो गई। इससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। बिजली गुल होने से पानी का संकट भी खड़ा हो गया। शाम पांच बजे तक बिजली की आंख-मिचौनी जारी रही।  अचानक गुरुवार शुबह मौसम ने करवट बदली और आंधी के साथी बारिश शुरू हो गई। दो घंटे शहर और देहात क्षेत्र में जमकर बारिश हुई। इस दौरान सिविल लाइंस, आर्दश नगर, पठानपुरा, गणेशपुर, पाडली गुर्जर, रामनगर, सुभाष नगर, आजाद नगर, खंजरपुर, भंगेड़ी, तेलीवाला आदि समेत कई अन्य क्षेत्रों की आपूर्ति ठप हो गई। इससे शहर और देहात क्षेत्र के एक लाख लोगों की बिजली गुल हो गई।  लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी भी नहीं मिल पाया। रवि कुमार, कुसुम देवी, हेमा, खुशबू, शकुंतला देवी, मोहम्म्द आजम आदि ने बताया कि सुबह नौ बजे के बाद शाम पांच बजे तक बिजली की आंख-मिचौनी जारी रही। अधीक्षण अभियंता अमित कुमार ने बताया कि आंधी में कई जगह लाइनों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति प्रभावितरही। इससे उपभोक्ताओं को असुविधा झेलनी पड़ी। दर्जनों जगह गिरे पेड़: बारिश के दौरान आंधी चलने से ऊर्जा निगम की लाइनों को इससे काफी नुकसान पहुंचा है। नीलम टाकीज चौक, बस अड्डे, सिविल लाइंस, गणेशुपुर, रामनगर, बोट क्लब, पाड़ली गुजर्र, तेलीवाला, कांवड़ पटरी आदि क्षेत्रों में एचटी और एलटी लाइन पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। लाइनमैन सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न क्षेत्रों में लाइनों को जोड़ते नजर आए। अधीक्षण अभियंता अमित कुमार ने बताया कि अधिकारियों को पेड़ों की लापिंग करने के निर्देश दिए हैं। बाल-बाल बचे छात्र और ई-रिक्शा चालक: आंधी में रहीमपुर प्राथमिक विद्यालय के पास पेड़ की टहनी छात्रों के ऊपर गिर पड़ी। घटना होती देख शोर शराबा मच गया। शिक्षकों ने आकर टहनियां हटाई।  दूसरी ओर बस अड्डे के पास ई-रिक्शा पर पेड़ गिर गया।  लोगों ने कड़ी मश्क्कत कर ई-रिक्शा वहां से हटाया।
तितली चक्रवात के असर के चलते हुई बारिश  
बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान तितली का असर रुड़की में भी दिखाई दिया। सुबह तेज तूफान के साथ बारिश हुई। करीब तीन घंटे तक बारिश हुई। आईआईटी रुड़की के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तितली चक्रवात के असर के कारण बारिश हुई। गुरुवार को सुबह जब लोग सोकर उठे तो मौसम का मिजाज बदला हुआ था। घने काले बादल छाने के बाद सुबह करीब नौ बजे बारिश शुरू हुई। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई। करीब तीन घंटे तक बारिश चलती रही। सुबह घने बादल छाने के कारण पूरी तरह अंधेरा पसर गया। सड़कों पर वाहन लाइट जलाकर चलते हुए नजर आए। करीब तीन घंटे तक ऐसी ही स्थिति बनी रही।  बारिश के साथ तेज हवाओं के कारण जनजीवन भी प्रभावित रहा। सुबह ही बारिश होने के कारण स्कूल, दफ्तरों को जाने वाले लोग परेशान रहे। आईआईटी रुड़की में जैव प्रौद्योगिकी विभाग में संचालित ग्रामीण कृषि सेवा केंद्र से जुड़े डॉ. अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश का पहले से पूर्वानुमान नहीं था। तितली चक्रवात के कारण तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। बताया कि रुड़की में 26 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। बारिश के बाद तापमान भी घट गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.1 और न्यूनतम 20.9 डिग्री था। गुरुवार को तापमान गिरकर 24.7 और 20.7 तक पहुंच गया।   

 
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