Hindi NewsUttarakhand NewsDehradun NewsNSUI Protests Against Deteriorating Law and Order and Commercialization of Education in India
एनएसयूआई ने डीएम कार्यालय तक निकाला मार्च, कानून व्यवस्था में सुधार की मांग

एनएसयूआई ने डीएम कार्यालय तक निकाला मार्च, कानून व्यवस्था में सुधार की मांग

संक्षेप:

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शिक्षा के बाजारीकरण के विरोध में पैदल मार्च किया। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने एंजल चकमा की हत्या और अंकिता भंडारी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों की मनमानी फीस और शैक्षणिक नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने की भी मांग की।

Jan 03, 2026 05:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देहरादून
share Share
Follow Us on

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और शिक्षा के बाजारीकरण के विरोध में नगर निगम से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद वहां प्रदर्शन करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि एंजल चकमा की हत्या ने छात्र समाज को झकझोर कर रख दिया है। घटना के इतने दिन बाद भी दोषियों पर कठोर कार्रवाई न होना सरकार की विफलता है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान जांच से छात्र समुदाय संतुष्ट नहीं है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता को देखते हुए इस मामले की सीबीआई से पुन निष्पक्ष जांच कराई जानी अनिवार्य है। विकास नेगी ने आरोप लगाया कि प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय शिक्षा को व्यापार बना चुके हैं। वहां मनमानी फीस वसूली जा रही है और पैसों के दम पर उपस्थिति व बैक पेपर में पास कराने का खेल चल रहा है। उन्होंने इन संस्थानों के शैक्षणिक नियमों के उल्लंघन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। इस अवसर पर पूर्व विधायक राजकुमार, राष्ट्रीय संचार सचिव वैभव वालिया, प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर, पूर्व जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस कमल कांत, प्रदेश उपाध्यक्ष आयुष सेमवाल, हिमांशु चौधरी, अभय कैतुरा, प्रदीप तोमर, प्रियांश छाबरा, सागर सेमवाल, अमित जोशी, हन्नी कुमार, पुनीत राज सहित भारी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। एनएसयूआई की प्रमुख मांगें एंजल चकमा हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। अंकिता भंडारी केस की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। प्रदेश के सभी निजी विश्वविद्यालयों की फीस और परीक्षा प्रणाली की स्वतंत्र जांच हो। पैसा लेकर उपस्थिति पूरी करने वाले संस्थानों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। शिक्षा के बाजारीकरण को रोकने हेतु कड़े नियम लागू हों।