चकराता और साहिया में अब स्थानीय स्तर पर होगी टीबी की आधुनिक जांच, मिले दो ट्रूनैट उपकरण
देहरादून में जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों के लिए टीबी की जांच अब आसान हो गई है। एनटीईपी के तहत ओएनजीसी ने चकराता और साहिया में दो आधुनिक ट्रूनैट मशीनें प्रदान की हैं, जिससे मरीजों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इससे टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान और इलाज संभव होगा।
देहरादून। जनपद के जनजातीय व दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को अब टीबी (क्षयरोग) की सटीक जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने चकराता और साहिया क्षेत्र के लिए बलगम व टीबी की जांच के लिए दो आधुनिक ट्रूनैट मशीनें दी हैं। पहले इन पर्वतीय क्षेत्रों में मशीन न होने के कारण स्थानीय मरीजों को लंबी दूरी तय कर उप जिला चिकित्सालय (एसडीएच) विकासनगर जाना पड़ता था। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि ओएनजीसी और स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन के सहयोग से पहली मशीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) साहिया में स्थापित कर दी गई है।
वहीं, दूसरी मशीन भी जल्द ही सीएचसी चकराता में लगाई जाएगी।इससे स्थानीय स्तर पर ही टीबी रोगियों की शीघ्र पहचान कर उनका त्वरित इलाज शुरू हो सकेगा। इस सराहनीय पहल से सुदूर क्षेत्रों में 'टीबी मुक्त भारत अभियान' को और मजबूती मिलेगी।
लेखक के बारे में
Chand Mohammadशॉर्ट बायो : चांद मोहम्मद पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में देहरादून यूनिट में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्य कर रहे है।
परिचय एवं अनुभव
चांद मोहम्मद हिंदी पत्रकारिता में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 11 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान अखबार में देहरादून में कार्यरत है और हेल्थ रिपोर्टिंग कर रहे है। वह पिछले आठ साल से हिंदुस्तान से जुड़े है। स्वास्थ्य रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
चांद ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में अमर अखबार देहरादून से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2018 में उन्होंने हिंदुस्तान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह हेल्थ, मेडिकल एजुकेशन, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी रिपोर्टिंग के अलावा देहरादून हिंदुस्तान में सह सिटी प्रभारी और सह अपराध संवाददाता की भूमिका में है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
चांद बी कॉम और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट है। वह यूपी के मुजफ्फरनगर के छोटे से गांव भंगेला से है। समाज के वंचित लोगों की आवाज उठाने, मरीजों की पीड़ा बयां करना उनका एक जज्बा बयां करता है। कोविड के दौरान उन्होंने पीड़ा बताती और सिस्टम पर प्रहार करती रिपोर्टिंग की। मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर उन्होंने काफी काम किया है। लगातार जागरूकता परक और रिसर्च बेस्ड स्टोरी हेल्थ और मौसम पर करते है।
विजन
चांद का विजन है कि वह अपने जर्नलिज्म से आम आदमी के मुद्दों को उठाए और उन्हें हल कराए। पाठकों के बीच अखबार की विश्वसनीयता बनाए रखे।
विशेषज्ञता
स्वास्थ्य रिपोर्टिंग, सामाजिक मुद्दों, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी के मामलों के जानकार है।
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