DA Image
30 नवंबर, 2020|5:09|IST

अगली स्टोरी

गांधी अस्पताल में निकला कोरोना मरीज अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं ठप

default image

गांधी अस्पताल में सोमवार को एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है। जिसके बाद मंगलवार को यहां चिकित्सा सेवाएं ठप हो गई। जबकि कई मरीजों को दून के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। हैरानी की बात तो यह है कि अस्तपाल के कई डॉक्टर व अन्य चिकित्सा स्टाफ कोरोना संक्रमण के डर से डयूटी देने ही नहीं पहुंचे। जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पताल को बंद करना है या खुला रखना है,इस पर निर्णय लेने के लिए सीएमएस की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है।

कोरोना मरीज सामने आने के बाद जिस तरह से चिकित्सा स्टाफ डयूटी पर नहीं पहुंचा। उससे स्वास्थ्य सेवाओं पर ही बड़ा प्रश्न चिन्ह लग गया है। यह बड़ा सवाल है कि आखिर जिन स्टाफ कर्मचारियों पर लोगों के स्वास्थ्य के देखरेख की जिम्मेदारी है उन्होंने चुनौती का सामना करने की बजाय डयूटी देने से हाथ क्यों खड़े कर दिए। अस्पताल के बाहर सुबह ही मरीजों और तीमारदारों की भीड़ जमा थी। कई लोग ऑटो रिक्शा में बैठकर निजी अस्पताल में इलाज करवाने चल दिए। मरीजों ने बताया कि उन्हें कोई ठीक से जानकारी तक देने को तैयार नहीं था। जिम्मेदार चिकित्सक समस्या को हल करने की बजाय जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आए। ऐसे में मरीज तीमारदार काफी देर तक परेशान रहे। सीएमएस डॉ भागीरथी जंगपांगी ने बताया कि आगे की स्थिति को लेकर निर्णय लेने के लिए अस्पताल प्रबंधन कमेटी की बैठक बुलाई गई है। उनका कहना है कि बैठक में यह निर्णय होना है कि सभी मरीज शिफ्ट करने हैं या कुछ ही मरीजों को निजी अस्पताल में भेजा जाना है। उन्होंने एहतियात के तौर पर अस्पताल परिसर को सेनेटाइज करवाने की बात कही है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Medical services turned out in Corona patient hospital in Gandhi hospital