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8 जुलाई, 2020|1:23|IST

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मंदिरों में सामूहिक पूजा, भंडारे और मूर्तियों को छूने पर रहेगी रोक

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शासन की ओर से अनलॉक दो में धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति के बाद दून में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए मंदिरों, गुरुद्वारों,चर्चों और मस्जिदों में तैयारी पूरी हो गई। सभी धर्म स्थलों में बुधवार से मास्क और सैनेटाइजर के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। मंदिरों में सामूहिक दर्शन, भंडारा, प्रसाद चढ़ावा और मूर्तियों को छूने की अनुमति नही होगी।

टपकेश्वर महादेव मंदिर और पल्टन बाजार स्थित जंगम शिवालय के महंत श्री कृष्ण गिरि महाराज ने बताया कि मंदिर में सभी तरह की व्यवस्था बना ली गई है। मंदिर में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को सैनेटाइजर और मास्क पहनना अनिवार्य होगा। शासन की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा। श्रावण मास में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए मंदिर के प्रवेश द्वार पर सेवादार तैनात रहेंगे। सामूहिक पूजा और भंडारे पर रोक रहेगी। अंसारी मार्ग स्थित कालिका माता मंदिर समिति के प्रधान नरेश मैनी ने बताया कि मंदिर में थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मंदिर को सैनेटाइज कर लिया गया है। मंदिर सुबह सात बजे से साढ़े दस बजे और शाम को छह बजे से रात बजे तक खुला रहेगा। साईं मंदिर के पुजारी विनोद कुमार ने बताया कि पुजारियों के अलावा श्रद्धालुओं को प्रतिमा छूने की अनुमति नही होगी। गढ़ी कैंट मां स्थित वैष्णों देवी गुफा योग मंदिर के संस्थापक आचार्य विपिन जोशी ने बताया कि मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश को लेकर प्रशासन की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।

चर्चों में प्रार्थना सभा पर जल्द लिया जाएगा फैसला

दिलाराम चौक स्थित सेंट थॉमस चर्च के पादरी और और देहरादून सीएनआई चर्च डिनरी के डीन एए प्लोमर ने बताया कि धार्मिक स्थल खुलने की अनुमति मिलना अच्छा फैसला है। चर्चों को पूरी तरह सैनेटाइज किया गया है शहर के चर्चों में सामूहिक प्रार्थना सभा को लेकर बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा। शासन की गाइडलाइन का पूरा पालन किया जाएगा।

गुरुद्वारों में लगाए गए हैंड्स फ्री सैनेटाइजर स्टैंड

उत्तराखंड सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष गुरदीप सिंह सहोता ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी गुरुद्वारों को सैनेटाइजन करने के साथ ही हैंड्स फ्री सैनेटाइजर स्टैंड लगाए गए है। संगत को गुरुद्वारा में प्रवेश के लिए मास्क और सैनेटाइजर अनिवार्य होगा। तीन जुलाई से कीर्तनी जत्थे सोशल डिस्टेंसिंग के तहत गुरुद्वारों में कीर्तन करेंगे। श्री गुरु सिंह सभा के महासचिव सेवा सिंह मठारू ने बताया कि गुरुद्वारों में संगत के प्रवेश की पूरी तैयारी पूरी हो चुकी है। शासन के दिशा निर्देशों का अनिवार्य तौर पर पालन किया जाएगा।

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  • Web Title:Mass worship in temples bhandaras and touching of idols will be banned