Hindi NewsUttarakhand NewsDehradun NewsMadhmaheshwar Temple Closes for Winter Amid Devotee Attendance
स्वाति नक्षत्र के शुभ मुहूर्त पर भगवान मदमहेश्वर के कपाट हुए बंद

स्वाति नक्षत्र के शुभ मुहूर्त पर भगवान मदमहेश्वर के कपाट हुए बंद

संक्षेप:

रुद्रप्रयाग में द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट मंगलवार प्रातः 8 बजे शीतकाल के लिए बंद हो गए। इस अवसर पर साढ़े तीन सौ से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे। कपाट बंद करने की प्रक्रिया में ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खोला गया और पूजा-अर्चना के बाद कपाट बंद किए गए। चल विग्रह डोली गौंडार के लिए रवाना हुई।

Nov 18, 2025 11:04 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, देहरादून
share Share
Follow Us on

रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर के कपाट मंगलवार प्रातः 8 बजे शीतकाल के लिए मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी स्वाति नक्षत्र के शुभ मुहूर्त में बंद हो गये है। इससे पहले मंदिर को फूलों से सजाया गया था। इस अवसर पर साढ़े तीन सौ से अधिक श्रद्धालु तथा बीकेटीसी कर्मचारी अधिकारी, वनविभाग एवं प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खुला श्रद्धालुओं ने दर्शन किये पूजा-अर्चना अर्चना के बाद सात बजे से कपाट बंद ही प्रक्रिया शुरू हो गयी।इसके पश्चात पुजारी शिवलिंग ने बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, बीकेटीसी सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान एवं पंच गौंडारी हकहकूकधारियों की उपस्थिति में मदमहेश्वर के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

स्थानीय पुष्पों एवं राख से ढ़का इसके बाद प्रातः आठ सात बजे मंदिर के कपाट श्री मदमहेश्वर जी के जय घोष के साथ शीत काल हेतु बंद हो गये। कपाट बंद होने के बाद श्री मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली ने अपने भंडार का निरीक्षण तथा मंदिर की परिक्रमा पश्चात ढ़ोल- दमाऊं के साथ प्रथम पड़ाव गौंडार हेतु प्रस्थान किया। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अपने संदेश में द्वितीय केदार मदमहेश्वर मंदिर के कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने द्वितीय केदार मदमहेश्वर से बताया कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच इस यात्रा वर्ष द्वितीय केदार मदमहेश्वर में बाईस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किये। बताया कि कपाट बंद होने के बाद मदमहेश्वर जी की चल विग्रह डोली रात्रि प्रवास हेतु पहले पड़ाव गौंडार के लिए रवाना हुई । 19 नवंबर बुधवार को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली राकेश्वरी मंदिर रांसी तथा 20 नवंबर गुरुवार को गिरिया प्रवास करेगी जबकि 21 नवंबर शुक्रवार को चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी।