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भूस्खलन से हाईवे लामबगड़ में बंद, यात्रियों को उठानी पड़ रही है भारी परेशानी

चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश से बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में भूस्खलन से बंद हो गया है। जबकि रुद्रप्रयाग जिले में हो रही बारिश के चलते केदारनाथ और बदरीनाथ हाईवे मलबा आने से घंटों बाधित हो रहे हैं। सोमवार को केदारनाथ हाईवे पर तीन स्थानों पर आवाजाही प्रभावित रही। जबकि बदरीनाथ हाईवे सिरोबगड़ के पास मलबा आने से बार-बार बाधित होता रहा। केदारनाथ हाईवे भारी बारिश के चलते डोलिया देवी, सौड़ी के पास मलबा आने से बंद रहा। हालांकि डोलिया देवी मंदिर में मलबा हटाते ही छोटे वाहनों की आवाजाही कराई जाती रही किंतु बार-बार मलबा आने से यहां वाहनों को घंटों रुकना भी पड़ा। सौड़ी में भी मलबा आने से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब दो घंटे यहां आवाजाही ठप रही।यहां रुक-रुक कर पहाड़ी से मलबा आने के कारण वाहनों की आवाजाही दिनभर प्रभावित रही। वहीं एनएच द्वारा दोनों हाईवे पर जेसीबी लगातार शीघ्र मार्ग खोलने के प्रयास किए गए। इधर जिले में बारिश के कारण अब भी 7 ब्रांच सड़कें बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
हाईवे बंद होने से दिनभर यात्री रहे परेशान
बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़ का भूस्खलन नासूर साबित हो रहा है । चार दिन से  यहां पर लगातार हो रहे भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे यात्रियों के साथ ही आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लामबगड़ में रविवार की रात्रि को फिर बड़े-बड़े बोल्डर और मलबा आया। हांलाकि मशीनें मलबा हटाने में जुटी है। मगर वे नाकामयाब साबित हो रही है। यहां पर एनएच द्वारा एक कम्पनी को भूस्खलन के ट्रीटमेंट के लिये  करोड़ों रुपये की लागत का ठेका दिया गया है । मगर अभी तक ट्रीटमेंट सफल होना तो दूर पहले से भी बदतर स्थिति बनी है । इधर सोमवार तक 35 ग्रामीण सड़कें बाधित रही । सड़क , पुल बाधित होने से लोग खासे परेशान हैं । जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया मार्ग खोलने को सम्बंधित विभाग युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं।
भटवाड़ी में एक बार फिर बढ़ा भूस्खलन का खतरा  
लगातार हो रही बारिश से हो रहे भूस्खलन के कारण भटवाड़ी गांव को एक बार फिर खतरा पैदा हो गया है। ब्लाक मुख्यालय भटवाड़ी में वर्ष 2010 में भूस्खलन से हुई आपदा से दर्जनों दुकानें व भवन क्षतिग्रस्त हो गये थे। इसलिए लोग यहां पर एक बार फिर दहशत में हैं।  लगातार हो रहे भूस्खलन से एक बार फिर भटवाड़ी में आपदा के आसार बनते जा रहे हैं। ग्रामीण 2010 की आपदा से सहमे हैं। आज तक यहां पर पुनर्वास की कार्रवाई नहीं हो पाई है। दर्जनों परिवार आज भी बीते आठ सालों से उर्जा निगम की कालोनी में रह रहे हैं। दर्जनों बार पुनर्वास की मांग के बाद भी आज तक ग्रामीणों का पुनर्वास नहीं किया जा सका है। इसके बाद एक बार 2012 में भी भूस्खलन हो चुका है। लगातार बारिश के बाद एक बार फिर भूस्खलन सक्रिय होने से यहां के दर्जनों ग्रामीण सहमे हैं।  

 

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  • Web Title:landslides lead to closure of highway