राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन ने किया प्रदर्शन
इंडिया गठबंधन ने गांधी पार्क में धरना प्रदर्शन किया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार से 30 अप्रैल तक भूमि मालिकाना हक की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो एक मई को आंदोलन और तेज किया जाएगा। विभिन्न राजनीतिक नेताओं और स्थानीय लोगों ने इस आंदोलन में भाग लिया।

इंडिया गठबंधन ने बुधवार सुबह बिन्दुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, बग्गा चौव्वन आदि के लोगों को मालिकाना हक देने की मांग को लेकर गांधी पार्क में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि यदि सरकार ने तीस अप्रैल तक मांग पूरी नहीं की तो आंदोलन तेज होगा। पर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मांगों को लेकर एक घंटे मौन व्रत भी रखा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समाधान निकालने में असफल होती है तो एक मई को मजदूर दिवस पर सीधी कार्यवाही करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्रीमंडल द्वारा 26 दिसंबर 2016 को लिए गए निर्णय जिसे 26 दिसम्बर अधिसूचित किया गया, उसमें समाहित सभी 10 बिन्दुओं के लाभार्थियों को तत्कालिक मंत्रीमंडल की भावनाअनुरुप भूमिधरी अधिकार दिए जाने का निर्णय लिया गया था।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कई बार जनता को गुमराह करने का प्रयास किया है। अब कांग्रेस सहित तमाम इंडिया गठबंधन के साथी सरकार को बाध्य करने के लिए एकजुट होकर संघर्ष को तेज करेंगे। समाजवादी पार्टी के नेता डॉ एसएन सचान ने कहा कि वह मानते हैं कि कल्याणकारी राज्य की स्थापना वंचित लोगों की रक्षा के लिए की गई है। लेकिन राज्य सरकार पूंजीपतियों के हितों के लिए काम कर रही है। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य समर भंडारी ने कहा कि सरकार कारपोरेट जगत के लिए तमाम भूमि बटोर कर उन्हें देना चाहती है। भाकपा माले के राज्य सचिव इन्द्रेष मैखूरी ने कहा कि बिन्दुखत्ता और बापू ग्राम में अदालत आदेशों के तहत व्याख्या कर जनता को आतंकित कर उनकी भूमि हड़पना चाह रही है। माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य सुरेंद्र सजवाण ने कहा कि एलिवेटेड रोड के नाम पर मलिन बस्तियों को जबरन विस्थापित कर उन्हें भूमिहीन किया जा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन को पढ़कर सुनाते हुए इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि बिन्दुखत्ता, बापूग्राम, पुछड़ी, बागजाला, बग्गा चौव्वन सहित समस्त खत्तों, गोठों, गुलरानी टौंगिया, गावों सहित इन्दिराग्रामों, गांधीग्रामों व हरिग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा दिया जाए। टिहरी डैम विस्थापितों और वनों से विस्थापित वन गुज्जरों को आवंटित भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया जाए। इसके अलावा उन्होंने अन्य मांगों पर प्रकाश डाला। ये रहे शामिल इंडिया गठबंधन से पूर्व मंत्री शूरवीर सजवाण, जगदीश कुकरेती, जगमोहन मेहन्दीरत्ता, राजेन्द्र सिंह नेगी, डीडी डंगवाल, हेमा बोरा, अतुल शर्मा, संजय शर्मा, अरविन्द आर्य, बिन्दुखत्ता लालकुआं से कुंदन सिंह, जयेन्द्र रमोला, नंदन, दिनेश चन्द, विरेन्द्र पोखरियाल, शंकर गोपाल, प्रवीण त्यागी, नीनू सहगल, सुमित्रा ध्यानी, अनुराधा तिवारी, सुरेन्द्र सिंह नेगी, चन्द्रकला नेगी, राजकुमार जयसवाल सहित विभिन्न गांव, बस्तियों के लोग शामिल रहे।
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