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4 जून, 2020|9:55|IST

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वन विनाश के कारण हो रही वैश्विक तापमान में वृद्धि

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दून विश्वविद्यालय ने अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर वेबीनार का आयोजन किया। जिसमें राष्ट्रीय वानस्पतिक अनुसंधान संस्थान के निदेशक व प्रसिद्ध इकोलॉजिस्ट प्रोफेसर एसके बारिक ने कहा कि जैव विविधता पर्यावरण प्रदूषण के निस्तारण में सहायक होती है। उष्ण कटिबंधीय वन विनाश के कारण आज वैश्विक तापमान निरंतर बढ़ोतरी हो रही है।

विवि के पर्यावरण व प्राकृतिक संसाधन स्कूल की ओर से ‘हमारे समाधान प्रकृति में निहित हैं विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता प्रोफेसर बारिक ने जैव विविधता की महत्ता, देश की आर्थिकी में उसकी जरुरत के बारे में विस्तार से बताया। विवि के कुलपति प्रोफेसर अजीत कर्नाटक ने अपने संबोधन में मानव व प्रकृति के बीच में सामंजस्य पर जोर दिया। कहा कि सामंजस्य नहीं रहा तो पृथ्वी पर जीवन खतरे में पड़ जायेगा। इससे पूर्व प्रोफेसर कुसुम अरुणाचलम ने वेबीनार का उद्घाटन करते हुए दिवस की महत्ता बताई। कहा कि मौजूदा परेशानियों व उसके प्राकृतिक हल के बारे में अवगत कराया। इस दौरान पोस्टर मेकिंग और फोटोग्राफी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। समापन सत्र में डॉ.अर्चना शर्मा ने लॉनलाइन लेक्चर सीरीज की जानकारी दी। बताया कि विजेताओं को पांच जून को पर्यावरण दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। वेबीनार में देश के विभिन्न राज्यों से पचास से अधिक प्रतिभागियों ने शिरकत की।

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  • Web Title:Increase in global temperature due to forest destruction