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ईवीएम छेड़छाड़ मामले में चुनाव आयोग ने खुद का नाम हटाने की अर्जी लगाई

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हाईकोर्ट ने ईवीएम से छेड़छाड़ के मामले में चुनाव आयोग के पक्षकार नहीं बनाए जाने के प्रार्थना पत्र पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है। न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की एकल पीठ ने मामले में सुनवाई की। अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी। 

ईवीएम को लेकर 9 याचिकाएं हैं लंबित 

हाईकोर्ट में गत विधानसभा चुनाव में ईवीएम के साथ छेड़छाड़, टैंपरिंग,  हैकिंग और मैनुपुलेटिंग को लेकर 9 याचिकाएं लंबित चल रही हैं। इनमें राजीव अग्रवाल ने हरभजन सिंह चीमा के खिलाफ, नवप्रभात ने मुन्ना सिंह चौहान, राजकुमार ने खजान दास, हेमा पुरोहित ने त्रिवेंद्र सिंह रावत, अमरीश कुमार ने आदेश चौहान, प्रभुलाल बहुगुणा ने उमेश शर्मा काऊ के खिलाफ याचिका दायर की है। इधर, गोदावरी थापली ने गणेश जोशी, विक्रम सिंह नेगी ने विजय सिंह पंवार व चरण सिंह ने यतेश्वरानंद के खिलाफ याचिकाएं दायर की हैं। इनमें केंद्रीय चुनाव आयोग को भी पक्षकार बनाया गया है।

आयोग ने दाखिल किया प्रार्थना पत्र 

चुनाव आयोग ने चुनाव से संबंधित याचिकाओं में पक्षकार बनाए जाने के खिलाफ प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। आयोग के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर पत्र दिया है। इसमें साफ किया है कि आयोग को चुनाव से संबंधित याचिकाओं में पक्षकार नहीं बनाया जा सकता है। एकल पीठ ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ताओं और अन्य विपक्षी उम्मीदवारों से जवाब देने को कहा है। इसके लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

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  • Web Title:In EVM tampering case, EC has filed an application seeking removal of its name in the High Court