श्रीरघुनाथ कीर्ति परिसर में विधि-विधान से हुआ होलिका दहन
देवप्रयाग के केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में होलिका दहन उत्साह और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। आचार्यों द्वारा विधि-विधान से पूजन के बाद, रात 11:30 बजे होलिका प्रज्वलित की गई। सांस्कृतिक संध्या में छात्रों ने संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए। परिसर में होली की जयकारों के साथ एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं दी गईं।

देवप्रयाग। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्रीरघुनाथ कीर्ति परिसर में होलिका दहन उत्साह और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वेद विभाग के आचार्यों ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ किया। मंत्रों की पावन गूंज के बीच वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। पूजन के उपरांत निर्धारित शुभमुहूर्त बीती रात्रि 11:30 बजे निदेशक एवं वरिष्ठ आचार्यों द्वारा होलिका प्रज्वलित की गई। होलिका दहन से पूर्व विश्वविद्यालय के प्रांगण में एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें गुरुकुल के छात्रों ने स्तोत्र गान और संगीत की मधुर प्रस्तुतियां दीं। परिसर के छात्र-छात्राओं ने लोक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय परंपरा की सुंदर झलक पेश की।
जैसे ही अग्नि प्रज्वलित हुई, पूरा परिसर होली है के जयकारों से गूंज उठा। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विवि के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम व छात्र-छात्राएं मौलूद रहे।
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