VIDEO : हरितालिका तीज उत्सव में बिखरे गोरखा लोक संस्कृति के रंग

गढ़ी कैंट स्थित शहीद जसवंत सिंह (महेन्द्रा) ग्राउंड में हाम्रो स्वाभिमान ट्रस्ट और गोर्खाली तीज उत्सव कमेटी की ओर से गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही।...

VIDEO : हरितालिका तीज उत्सव में बिखरे गोरखा लोक संस्कृति के रंग

गढ़ी कैंट स्थित शहीद जसवंत सिंह (महेन्द्रा) ग्राउंड में हाम्रो स्वाभिमान ट्रस्ट और गोर्खाली तीज उत्सव कमेटी की ओर से गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। बतौर मुख्य अतिथि आचार्य बालकृष्ण ने कार्यक्रम में शिरकत की।

विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि हरितालिका तीज उत्सव में गोर्खा समाज की भाषा, संस्कृति, परम्पराओं को देखकर वे अभिभूत हैं। वहीं आयोजकों ने मुख्य अतिथि समेत सभी विशिष्ट अतिथियों को साफा व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। आयोजकों ने तीज वृद्धा सम्मान, तीज प्रिंसेज, तीज क्वीन, मेधावी छात्रों का भी सम्मान किया। निंबूवाला की अनुराधा, शीतल सेन ने शिव आराधना प्रस्तुत की।

नया गांव के शालिनी ग्रुप के कलाकारों ने गोरखालैंड पर नृत्य किया। ठाकुरपुर के नीतू आले ग्रुप ने नेपाल की छोरी गीत पर मारूनी नृत्य किया। छह साल की अनुष्का थापा ने मैं तो मगर की छोरी..पर शानदार नृत्य किया। ठाकुरपुर की मोनिका थापा ग्रुप ने तीज को बेला मैइता आये कू.., कौलागढ़ की स्वाति ग्रुप ने फुलबूटे सारि..गीत पर नृत्य किया। इसके अलावा अन्य गीतों में हामी त ह्वे गोर्खाली.., तुलसी आंगन म रोपौला.., नाई न भननू ल.., जाऊ हे माया गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, मेयर विनोद चमोली, रजनी रावत, डा.सुशांत राज, आचार्य विपिन जोशी आदि भी मौजूद थे।

रितु तीज क्वीन, टि्वंकल तीज प्रिंसेज

हरितालिका तीज का मुख्य आकर्षण गोर्खाली समाज की सांस्कृतिक पहचान बता रही महिलाएं थीं। जो पूरी तरह पारम्परिक परिधानों में सज धजकर कार्यक्रम में पहुंची थीं। लाल साड़ी में हाथ पर मेहंदी रचाए महिलाओं से पांडाल में रौनक थी। गहनों से सजीधजी महिलाओं की तीज टोली फोटोग्राफी और सेल्फी लेने में व्यस्त दिखी। तीज उत्सव में हुई प्रतियोगिता में रितु गुरुंग तीज क्वीन चुनी गईं। दूसरे नम्बर पर सरिता गौतम, तीसरे पर सीता तिवारी रहीं। वहीं तीज प्रिंसेज का खिताब टि्वंकल थापा को मिला। अमीशा गुरुंग दूसरे और निशा राणा तीसरे नम्बर पर रहीं। 

क्या है हरितालिका तीज 

हिन्दू समाज में हरितालिका तीज मनाने की परम्परा है। महिलाएं वैवाहिक जीवन की खुशहाली, समृद्धि, कल्याण के लिए इसे मांगलिक अनुष्ठान की तरह मनाती हैं। हरितालिका तीज शिव व पार्वती को समर्पित त्योहार है। जिसमें महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। लोकगीत और नृत्य इस पर्व की आत्मा है।

गोर्खाली व्यंजनों ने बढ़ाया जायका 

गोर्खाली व्यंजनों के स्टॉल पर सेल रोटी, भुटवा खाने के लिए लोग उमड़े हुए थे। आयोजन स्थल में सुबह से ही हरेक स्टॉल पर महिलाएं पारम्परिक गोर्खाली व्यंजन बनाने में जुटी हुई थीं। आयोजन शुरू होने से काफी पहले तक लोग स्टॉल पर मनपसंद पकवान चखने के लिए पहुंच चुके थे। मुख्य अतिथि बालकृष्ण समेत सभी आमंत्रित अतिथियों को भी सेल रोटी, भुटवा परोसा गया। जिसे उन्होंने चाव से खाया।

इन संस्थाओं का रहा सहयोग

गोर्खाली सुधार सभा, आल इंडिया गोर्खा एक्स सर्विसमैन वेलफेयर एसोसिएशन, खलंगा विकास समिति, उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति, भारतीय गोर्खा परिसंघ, गोर्खा उपजातीय समन्वय समिति, देहरादून लिम्बू ऐसोसिएशन, किरात राई संस्था, तमुधी गुरुंग समाज, भारतीय मगर समाज, भारतीय नेपाली ब्राह्मण समिति, शहीद दुर्गा मल्ल विकास समिति, गोर्खा समाज कल्याण समिति, अखिल भारतीय गोर्खा महासंघ, गुरांस सांस्कृतिक कला केन्द्र, गोर्खा डेमोक्रेटिक फ्रंट, कैंट युवा समिति आदि।

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