केवल अनुराग से मिलते हैं भगवान
देहरादून। वरिष्ठ संवावाददाता जैसी माँ हो तो भगवान आज भी जन्म लेने को तैयार हैं। उन्होंने भगवान की बाल रूप के विभिन्न प्रसंग को सुनाते हुए

देहरादून। वरिष्ठ संवावाददाता भगवान न राग से मिलते हैं न विराग से, भगवान तो केवल अनुराग से मिलते हैं। ये बात श्री श्याम सुंदर मन्दिर पटेल नगर के वार्षिक उत्सव पर आयोजित श्री राम कथा के चौथे दिन कथा व्यास डॉ कमल किशोर ने कही।उन्होंने कहा दशरथ जैसा पिता और कौशल्या जैसी माँ हो तो भगवान आज भी जन्म लेने को तैयार हैं। उन्होंने भगवान की बाल रूप के विभिन्न प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि भगवान को पाने के लिए बाहरी दिखावे की जरूरत नहीं है। वे केवल हमारे मन के भाव देखते हैं। इसलिए उनके प्रति गहरा अनुराग रखना चाहिए।
मीडिया प्रभारी भूपेंद्र चड्ढा ने बताया कल 17 जून को मंदिर में विराजमान सभी मूर्तियों के स्थापना दिवस के उपलक्ष में कथा से पूर्ण सुबह 6 से शाम 6 बजे तक अखंड कीर्तन उसके बाद श्री राम कथा होगी। इस अवसर पर यज़मान डिंपल शर्मा, शिवानी शर्मा, प्रधान अवतार मुनियाल, महामंत्री गोविंद मोहन, गौरव कोहली, चंद्र मोहन आनंद, ओम प्रकाश सूरी, गुलशन नंदा, यशपाल मागो, राजू गोलानी, संजय मेहता, विजेंद्र राठौड़, तुषार खंडूजा, कपिल गोगिया, हरिओम हरजाई, पवन मेहंदीरता, प्रेम भाटिया, निशांत संगल, पंकज चाँदना, मनीष भाटिया, विनोद कपूर, इंद्र मोहन भाटिया, बृजेश भाटिया आदि मौजूद रहे।
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