
बेटे के दाखिले के लिए फर्जी विज्ञापन देख पिता को लगी 6 लाख की चपत, केस दर्ज
संक्षेप: हरिद्वार के रानीपुर निवासी सुजीत कुमार ने अपने बेटे का बीटेक दाखिला करवाने के लिए सोशल मीडिया पर एक फर्जी विज्ञापन पर भरोसा किया। ठगों ने उन्हें बिना अग्रिम भुगतान के दाखिले का झांसा देकर छह लाख रुपए से अधिक की ठगी की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरिद्वार। सोशल मीडिया पर चल रहे एक फर्जी विज्ञापन ने रानीपुर निवासी एक कर्मचारी को छह लाख रुपए से अधिक की चपत लगा दी। बीटेक दाखिले का झांसा देकर ठगों ने रकम हड़प ली। शनिवार को रानीपुर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में सेक्टर-3 रानीपुर निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि वह बेटे का बीटेक में दाखिला करवाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान फेसबुक पर एक विज्ञापन दिखा, जिसमें दिए लिंक पर क्लिक करते ही एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम प्रियम गुप्ता बताया और कहा कि वह दिल्ली की ‘नेहरू सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी’ में बिना अग्रिम भुगतान के दाखिला दिला सकता है।

प्रियम ने कुछ दस्तावेज मांगे और विश्वविद्यालय की ईमेल आईडी से जानकारी भेजी। दस्तावेज देखकर सुजीत को भरोसा हो गया। इसके बाद एडमिशन शुल्क के तौर पर एक लाख रुपए मांगे गए। उन्होंने 13 अगस्त को अमृतेश कुमार नाम के व्यक्ति के खाते में यह रकम भेज दी। कुछ दिन बाद प्रियम ने व्हाट्सऐप पर ऑफर लेटर भेजा और चार लाख रुपए कैश देने को कहा। जल्दी दाखिले की उम्मीद में 21 अगस्त को उन्होंने यह रकम भी दे दी। फिर 3 सितंबर को एक लिंक भेजकर 1,34,990 रुपए और मांगे गए, जो उन्होंने ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। जब 8 सितंबर को पिता-पुत्र कॉलेज पहुंचे तो वहां अधिकारियों ने बताया कि ऐसा कोई दाखिला नहीं हुआ है और दिखाए गए सभी दस्तावेज फर्जी हैं। तब जाकर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। कोतवाल शांति कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

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