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VIDEO: लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के ‘दादू मेरी उल्यारू’ गीत पर भावुक हुए दर्शक

गढ़ गौरव लोक कवि कन्हैया लाल डंडरियाल की पुण्यतिथि में उनको याद करते हुए काव्य गोष्ठी और संगोष्ठी आयोजित की गई। बतौर मुख्य अतिथि लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने स्व. डंडरियाल की ‘अज्वांल’ से प्रसिद्ध लोकगीत गाकर श्रोताओं को मग्नमुग्ध कर दिया। वहीं दादू मेरी उल्यारू गीत गाकर सबको भावुक भी किया। इस अवसर पर साहित्यकारों ने स्वर्गीय डंडरियाल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रंद्धाजलि दी। उनकी कविताओं  का भी पाठ किया गया। 

उत्तरांचल प्रेस क्लब में कन्हैया लाल डंडरियाल स्मृति मंच की ओर से आयोजित काव्य गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार मदन मोहन डुकलान ने लोक कवि कन्हैया लाल डंडरियाल का यात्रा वृतांत से श्रोताओं को मुखातिब कराया। उन्होंने बताया कि गढ़ गौरव कन्हैया लाल डंडरियाल को अपने साहित्य योगदान के लिए गढ़ भारती पुरस्कार के अलावा कई अन्य पुरस्कारों समेत मरणोपरांत साहित्य शेरोमणि सम्मान मिला। 

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गढ़ कवि एवं प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने स्व. डंडरियाल जी कि प्रसिद्ध रचना ‘अज्वांल’ की कविता ‘दादू मेरी उल्यारू जिकुड़ी दादू मी पर्वतों को वासी’ प्रस्तुत किया। उन्होंने स्व डंडरियाल के कई संस्मरण भी सुनाए। उन्होंने दुख जताया कि आजकल के रचनाकार पुराने लोगों के साहित्य को पढ़ते नहीं हैं। जिस कारण बेहतर साहित्य सामने नहीं आ रहा है। क्योंकि लिखने के लिए पहले पढ़ना जरूरी है। इससे पूर्व रामचरण जुयाल ने पुराने वादयंत्र मौछंग की प्रस्तुति दी। 

कार्यक्रम में देवेंद्र जोशी, मदन मोहन डुकलान एवं विरेंद्र दत्त डंगवाल ‘पार्थ’ ने स्व डंडरियाल जी की कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तरांचल प्रेस क्लब के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एलएम जखवाल ने की। जबकि संचालन वरिष्ठ पत्रकार दिनेश शास्त्री ने किया। इस अवसर पर कुमाऊंनी साहित्यकार भारती पांडे, भूपत सिंह बिष्ट, डा. शशि भूषण मैठाणी, डा. ओपी जमलोकी, विनय ध्यानी, अशोक डंडरियाल, सुभाष डंडरियाल, प्रवीण डंडरियाल आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Folk Singer Narendra Singh Negi presented the emotional song