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उत्तराखंड : पांच महीने से नहीं मिला था वेतन, इलाज के पैसे नहीं होने से कर्मचारी की मौत

पांच महीने से वेतन नहीं मिलने से बाजपुर चीनी मिल के पीलिया से पीड़ित एक कर्मचारी की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों और मिलकर्मियों ने शव मिल के गेट पर रखकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी को बेहतर इलाज नहीं मिल सका। एसडीएम की ओर से उचित मुआवजे के आश्वासन पर लोग शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गये।

स्वार (रामपुर) यूपी निवासी राजेंद्र कुमार (50) चीनी मिल में सीजनल कर्मचारी थे। पांच महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला था। कुछ महीने से वह पीलिया से पीड़ित थे। परिजनों के अनुसार पहले  15 मई को बीमार राजेंद्र को लेकर मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में गये। वहां इलाज में 20 हजार रुपये लग गये, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया। मजबूरी में राजेंद्र इलाज कराये बिना ही बाजपुर लौट आये।

यहां इलाज के अभाव में मंगलवार सुबह राजेंद्र की मौत हो गयी। सूचना मिलते ही चीनी मिलकर्मी राजेंद्र के आवास पहुंचे। यहां से परिजन और कर्मचारी शव लेकर चीनी मिल गेट पर पहुंच गये। सड़क पर शव रख कर्मियों ने  प्रदर्शन शुरू कर दिया। एसडीएम की ओर से राजेंद्र के बेटे को आश्रित कोटे से नौकरी दिलाने और  वेतन जल्द जारी करने के आश्वासन पर कर्मचारी माने। 

चीनी मिलकर्मियों को एक माह का वेतन जारी: पंत 

रुद्रपुर पहुंचे वित्त एवं गन्ना मंत्री प्रकाश पंत ने मिलकर्मी की मौत पर दु:ख प्रकट किया। पंत ने बताया कि बाजपुर चीनी मिलकर्मियों को एक महीने का वेतन जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी नहीं बिकने से वेतन देने में दिक्कतें आ रही हैं। जल्द ही बाकी बचा वेतन भी कर्मचारियों को जारी कर दिया जाएगा। 

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  • Web Title:Five months did not get salary employee death due to lack of money for treatment