बिजली संशोधन विधेयक के खिलाफ 12 फरवरी को प्रदेशव्यापी हड़ताल
देहरादून में बिजली क्षेत्र के निजीकरण और 'इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025' के विरोध में 12 फरवरी को हड़ताल की घोषणा की गई है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि बिल संसद में पेश किया गया, तो वे बिना सूचना कार्य बहिष्कार करेंगे।
देहरादून। बिजली क्षेत्र के निजीकरण और केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित 'इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025' के विरोध में आगामी 12 फरवरी को उत्तराखंड सहित देशभर के बिजली कर्मचारी और अभियंता हड़ताल पर रहेंगे। शनिवार को देहरादून में आयोजित एक प्रेस वार्ता में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन और 'विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा' ने एकजुट होकर इस आंदोलन का बिगुल फूंका। फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने बताया कि सरकार की नीतियां सार्वजनिक बिजली क्षेत्र को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड सरकार ने पावर सेक्टर की जमीनों को बेचने के आदेश पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपील की है कि जनहित में इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा यह आंदोलन व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेगा।
चेयरमैन दुबे ने चेतावनी दी कि यदि संसद के बजट सत्र के दौरान यह बिल पेश किया गया, तो देशभर के बिजली कर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल कार्य बहिष्कार शुरू कर देंगे। मोर्चा ने कहा कि यदि वार्ता के जरिए समाधान नहीं निकला, तो विद्युत आपूर्ति में होने वाले किसी भी व्यवधान की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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