Dehradun News: जुलूस-ए-ईद मिलादुन्नबी की तैयारियां शुरू, उलमा बोले, तेज डीजे और हुड़दंग न करें
Dehradun News: देहरादून में 26 अगस्त को निकलने वाले ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की तैयारियां तेज हो गई हैं। बैठक में शांतिपूर्ण जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया है। तेज आवाज वाले डीजे और हुड़दंग से परहेज करने की अपील की गई। पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं का पालन करने का भी जोर दिया गया।
Dehradun News: देहरादून। राजधानी में 26 अगस्त को निकलने वाले ईद मिलादुन्नबी के जुलूस की तैयारियां तेज हो गई हैं। गांधी ग्राम स्थित गौसिया जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद एक बैठक आयोजित की गई। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रदेश अध्यक्ष व नायब शहर काजी पीर सैयद अशरफ हुसैन कादरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जुलूस को शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से निकालने का निर्णय लिया गया।
जुलूस के दौरान अपेक्षाएँ
नायब शहर काजी ने अकीदतमंदों से अपील की कि जुलूस के दौरान तेज आवाज वाले डीजे और हुड़दंग से परहेज कर छोटे साउंड का इस्तेमाल करें। उन्होंने जाम से बचाव के लिए पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने, रास्तों की साफ-सफाई रखने और जुलूस में छोटी-बड़ी लड़कियों को न लाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि घरों और दुकानों पर सिर्फ ईद मिलादुन्नबी के ही झंडे लगाए जाएं और ऐसे झंडों से बचा जाए जो पाकिस्तानी झंडे जैसे प्रतीत होते हों। मस्जिद के खतीब व इमाम मौलाना मो. आजम ने भी घरों और मस्जिदों को रोशन करने के साथ स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को कहा।
पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाएँ
दूसरी ओर, शहर काजी मुफ्ती हाशिम अहमद कासमी ने रबीउल अव्वल के पवित्र महीने में पैगंबर हजरत मोहम्मद की शिक्षाओं और सुन्नत पर अमल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पैगंबर से सच्ची मोहब्बत का तकाजा यही है कि हम उनके बताए रास्ते पर चलें। केवल जश्न मनाना काफी नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार में ईमानदारी, सामाजिक सौहार्द, बुजुर्गों का सम्मान और कमजोरों के प्रति दया दिखनी चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को पैगंबर के आदर्श जीवन से जोड़ने का आह्वान किया।


