शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को पहले एक अच्छा इंसान बनाना हो: पीके सहगल
समर वैली विद्यालय में रिटायर्ड मेजर जनरल पीके सहगल ने कहा कि शिक्षा का मुख्य उद्देश्य बच्चों को एक अच्छा इंसान बनाना है। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए बताया कि वे केवल पाठ्यपुस्तक नहीं पढ़ाते, बल्कि राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं। कौशल आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए, उन्होंने बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों में मार्गदर्शन देने की आवश्यकता पर बल दिया।

शिक्षा का सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों को पहले एक अच्छा इंसान बनाना होना चाहिए, क्योंकि अच्छा इंसान ही आगे चलकर अच्छा नागरिक और राष्ट्र निर्माता बनता है। यह बात सोमवार को समर वैली विद्यालय में आयोजित विशेष प्रेरक सत्र में शिक्षकों को संबोधित करते हुए रिटायर्ड मेजर जनरल पीके सहगल ने कही। पायलट, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक और रक्षा विशेषज्ञ के रूप में विख्यात मेजर जनरल सहगल ने संबोधन में कहा कि एक शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तक नहीं पढ़ाता, बल्कि वह राष्ट्र का भविष्य गढ़ता है। एक शिक्षक ही हजारों बच्चों का जीवन बदल सकता है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों को केवल स्कूल गीत और प्रार्थना ही नहीं, बल्कि भगत सिंह जैसे महान नायकों की प्रेरक कहानियां भी सुनानी चाहिए, ताकि बच्चों में देशभक्ति, साहस और चरित्र का निर्माण हो सके।
कक्षा 9 और 12 को विद्यार्थियों के जीवन का महत्त्वपूर्ण मोड़ बताते हुए मेजर जनरल ने कहा कि इस समय सही मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक होता है। उन्होंने कौशल आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल इंजीनियरिंग और मेडिकल तक सीमित न रखकर अन्य व्यापक क्षेत्रों और रोजगार के विविध अवसरों के बारे में भी बताया जाना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या सोनू कुंद्रा ने मेजर जनरल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह प्रेरक सत्र शिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक और नई ऊर्जा प्रदान करने वाला रहा। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ अशोक वासु, सह निदेशक पारुल गोयल, प्रतिमा सहगल, डॉ सुदेश ब्याला, सन वैली की प्रधानाचार्या पूजा अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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