DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वाहे-गुरू वाहे-गुरू वाहे-गुरू.. जाप से माहौल भक्तिमय

साहिबे कमाल, सरबंस दानी श्री गुरू गोबिंद सिह जी महाराज के परोपकारी जीवन को याद करते हुए मकर संक्राति के अवसर पर श्री गुरूद्वारा साहिब डाकरा मे चल रहे गुरू ग्रंथ साहिब के अखण्ड पाठ का भोग विधिवत रूप से पूरा हुआ।

हुजुरी रागी गुरूद्वारा डाकरा भाई धर्मेदर सिंह द्वारा कीर्तन-अरदास की गई। कथावाचक भाई रोहतरस सिंह ने कथा की। भाई गुरकीरत सिंह श्री दरबार साहिब अमृतसर से आये रागी जत्थे ने शब्द कीर्तन माघ मजन संग साधुआं, धूडी कर स्नाना..,देह शिवा बर मोहे ईहे, शुभ कर्मन ते कभुं न टरूं.., न डरौं अरि सौं जब जाय लड़ौं, निश्चय कर अपनी जीत करौं.., अरु सिख हों आपने ही मन कौ इह लालच हउ गुन तउ उचरों..।

बहुत जनम बिचरे थे माधो एह जनम तुम्हारे.., लेखे कह रविदास असा  लग जीवो, चिर्र पायो दरसन देखे.., सब राजन के राजा तुम हो सब राजन के राजा तुम हो आपे आप गरीब निवाजा, आपे आप गरीब निवाजा तुम हो...का कीर्तन किया। दिल्ली से आये भाई हरबंश सिंह सोढ़ी व साथियों ने मेरा वैध गुरु गोबिन्द हर हर  नाम औखद, मुख दैवै काटते जम की फंदा.., मेरे साहिबा कौन जाने गुण तेरे..,कहे न जाने अवगण मेरे.., गुरूवाणी का गायन किया। भाई हरबंश सिंह सोढ़ी के सतनाम वाहे गुरू वाहे गुरू-वाहे गुरू.. का जाप करने पर माहौल भक्तिमय हो गया। संगते निहाल हो गई। सभी ने गुरू महाराज का आशीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान लंगर भी छका गया।

शब्द कीर्तन व अरदास के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई। मौके पर गुरूद्वारा साहिब डाकरा के पदाधिकारी प्रधान सरदार दलीप सिंह, गुरमीत सिंह कैथ, देवेन्द्र पाल सिंह, सरवण सिंह, अमरजीत सिंह, मोहन सिंह मक्कड़, दिलबाग सिंह, हरमिन्दर सिंह, प्रीतपाल सिंह, कुलदीप सिंह, रघुवीर सिंह, हरप्रीत सिंह, जसबीर सिंह, इन्दर पाल सिंह, अवतार सिंह, देवेन्दर सिंह, जगजीत सिंह, सुरेन्दर सिंह, अमरीक सिंह, जसबीर सिंह, रंजीत कौर, अमरजीत कौर, जसविंदर कौर, कमलजीत कौर, स्वर्ण कौर, सरबजीत कौर, त्रिलोचन कौर, ऋतु कौर, पवन कौर, गुरचरण कौर, ज्ञान कौर, प्रभजोत कौर, हरभजन सिंह सोंधी, कवलप्रीत कौर आदि मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Due to the enjoyment of the whole text of Guru Granth Sahib