'ऑपरेशन सिंदूर' भारत की अभेद्य रक्षा प्रणाली का प्रमाण: प्रो. सुरेखा

Newswrap हिन्दुस्तान, देहरादून
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दून विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ मनाई गई। कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि यह अभियान भारत की रक्षा प्रणाली का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं को अनुशासन और सेवा भाव को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

'ऑपरेशन सिंदूर' भारत की अभेद्य रक्षा प्रणाली का प्रमाण: प्रो. सुरेखा

दून विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में गुरुवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' की प्रथम वर्षगांठ मनाई गई। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने तिरंगा फहराकर एनसीसी कैडेट्स, शिक्षकों और कर्मचारियों को संबोधित किया। पूरा परिसर 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारों से गुंजायमान रहा। कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की समृद्ध और विकसित रक्षा प्रणाली का जीवंत उदाहरण है। इसने वैश्विक स्तर पर देश की सैन्य कुशलता और रणनीतिक दक्षता को एक नई पहचान दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अभियान महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति और तकनीकी सशक्तता का प्रतीक है।

प्रो. डंगवाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज भारत आधुनिक तकनीक और अदम्य साहस के बल पर एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कैडेट्स से अनुशासन और सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एनसीसी युवाओं में नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। इस मौके पर एनसीसी कैप्टन डॉ. स्मिता त्रिपाठी, प्रो. एच.सी. पुरोहित, मुख्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र सिंह मौजूद रहे।

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