दून अस्पताल में एक इंजेक्शन से बिना सर्जरी पुराना दर्द होगा छूमंतर, ये इलाज हो रहा शुरू
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को पुराने एवं जटिल दर्द के लिए विशेषज्ञ इलाज मिलेगा। ओपीडी शुरू कर दी गई है। बर्न आईसीयू में बेड बढ़ाए जाएंगे और सफाई व्यवस्था में सुधार की जाएगी। रीढ़ की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज का ऑपरेशन सफल रहा है और वह फिर से चलने लगा है।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को नसों, मांसपेशियों के पुराने एवं जटिल दर्द से निजात के लिए विशेषज्ञ इलाज मिल जाएगा। यहां पर अल्ट्रासाउंड गाइडेड इंजेक्शन भी दिए जाएंगे, इससे पुराने एवं जटिल दर्द का सटीक इलाज हो सकेगा और सर्जरी नहीं करानी पड़ेगी। यहां पर एम्स ऋषिकेश से आए पीएमआर स्पेशलिस्ट डॉ. राहुल शर्मा ने ज्वाइन कर लिया है और ओपीडी शुरू कर दी है। प्राचार्य डॉ. गीता जैन एवं एमएस डॉ. आरएस बिष्ट के निर्देशन में डॉ. शर्मा पीएमआर विभाग के कार्यकारी एचओडी रहेंगे। वह नस और मांसपेशी से संबंधित समस्याओं जैसे कमर, गर्दन और जोड़ों के दर्द, गठिया, पोस्ट वायरल बदन दर्द, थकान और कमजोरी के उपचार के स्पेशलिस्ट है। इसके अलावा दर्द से निजात के लिए अल्ट्रासाउंड गाइडेड इंजेक्शन भी देंगे, इससे बिना किसी बड़ी सर्जरी के सीधे प्रभावित हिस्से का सटीक इलाज हो जाएगा। इसके लिए अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था प्रबंधन द्वारा की जा रही है। दिव्यांगजनों की विशेष देखभाल और किसी भी गंभीर चोट के बाद होने वाले शारीरिक पुनर्वास भी कराया जाएगा। खिलाड़ियों को भी चोट लगने पर इलाज की पूरी सुविधा मिलेगी। मरीजों को अब इन जटिल समस्याओं के लिए निजी अस्पतालों या ऋषिकेश के चक्कर नहीं काटने होंगे। अस्पताल के दूसरे तल पर छह दिन ओपीडी चलेगी.
बर्न एवं एसएनसीयू में बढ़ेंगे बेड
दून अस्पताल में मरीजों के दबाव को देखते हुए बर्न आईसीयू में दो और बर्न वार्ड में एक नया बेड बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए एसएनसीयू में भी तीन अतिरिक्त बेड एवं वार्मर लगाए जाएंगे। अस्पताल में सीसीएसडी का काम भी अब तेजी से चल रहा है, जिससे मरीजों को जल्द इसका लाभ मिलेगा। अस्पताल परिसर में फॉल सीलिंग की मरम्मत के भी निर्देश दिए गए हैं.
वार्डों में मिली गंदगी, लगाई फटकार
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लगातार आ रही गंदगी की शिकायतों पर मंत्री सुबोध उनियाल की नाराजगी पर अफसरों ने संज्ञान लिया और बुधवार को अस्पताल का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में भारी कमियां मिलने पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई और ठेकेदार को सुधार की हिदायत दी। कर्मचारी बढ़ाने को कहा, सामान सही तरीके से देने के लिए निर्देशित किया। नर्सिंग अधिकारियों को लगातार निगरानी एवं अव्यवस्था पर सूचना को निर्देशित किया। आईसीयू इमरजेंसी बिल्डिंग के भूतल, प्रथम तल पर गायनी समेत आईसीयू, ओटी वार्ड में सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने पर जोर दिया गया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. गीता जैन, एमएस डॉ. आरएस बिष्ट, डीएमएस डॉ. एनएस बिष्ट, डॉ. विनम्र मित्तल और स्टोर इंचार्ज नवीन खंडूरी आदि मौजूद रहे.
रीढ़ के ऑपरेशन के बाद चलने लगा युवक
दून मेडिकल कॉलेज में अस्पताल में रीढ़ की एक गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज का ऑपरेशन कर दिया है। वह फिर से चलने फिरने लगा है। मरीज रीढ़ की टीबी से पीड़ित था, जिसके चलते दोनों पैर कमजोर पड़ गए थे। दून अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया। मरीज लंबे समय से तेज पीठ दर्द, पैरों में सुन्नपन और कमजोरी की शिकायत थी। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया। जांच में पता चला कि रीढ़ में संक्रमण के कारण नसों पर दबाव पड़ रहा है, जिससे उसके पैरों की ताकत लगभग खत्म हो गई थी। नसों पर पड़ रहा दबाव हटाया और रीढ़ को सहारा देकर उसे फिर से स्थिर बनाया। सर्जरी में इंट्रा-ऑपरेटिव न्यूरोमॉनिटरिंग तकनीक का उपयोग किया गया। इस ऑपरेशन में डॉ. विक्रांत चौहान, विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल जोशी और डॉ. अनिरुद्ध उनियाल की टीम शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. शोभा वी., डॉ. राहुल और डॉ. मेघा ने भी सहयोग किया। प्राचार्य डॉ. गीता जैन, एमएस डॉ. आरएस बिष्ट ने सराहना की.
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लेखक के बारे में
Chand Mohammadशॉर्ट बायो : चांद मोहम्मद पिछले 11 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में हिन्दुस्तान में देहरादून यूनिट में बतौर वरिष्ठ संवाददाता कार्य कर रहे है।
परिचय एवं अनुभव
चांद मोहम्मद हिंदी पत्रकारिता में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 11 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह हिन्दुस्तान अखबार में देहरादून में कार्यरत है और हेल्थ रिपोर्टिंग कर रहे है। वह पिछले आठ साल से हिंदुस्तान से जुड़े है। स्वास्थ्य रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
करियर का सफर
चांद ने अपने करियर की शुरुआत 2015 में अमर अखबार देहरादून से की। जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित की। 2018 में उन्होंने हिंदुस्तान ज्वाइन किया। वर्तमान में वह हेल्थ, मेडिकल एजुकेशन, मौसम, मुस्लिम कम्युनिटी रिपोर्टिंग के अलावा देहरादून हिंदुस्तान में सह सिटी प्रभारी और सह अपराध संवाददाता की भूमिका में है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
चांद बी कॉम और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट है। वह यूपी के मुजफ्फरनगर के छोटे से गांव भंगेला से है। समाज के वंचित लोगों की आवाज उठाने, मरीजों की पीड़ा बयां करना उनका एक जज्बा बयां करता है। कोविड के दौरान उन्होंने पीड़ा बताती और सिस्टम पर प्रहार करती रिपोर्टिंग की। मेडिकल रिसर्च और हेल्थ से जुड़े विषयों पर उन्होंने काफी काम किया है। लगातार जागरूकता परक और रिसर्च बेस्ड स्टोरी हेल्थ और मौसम पर करते है।
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