Dehradun News: मनमानी : जनऔषधि केंद्र पर पहुंच डॉक्टर बोले, यहां से मत देना दवा
Dehradun News: देहरादून में एक डॉक्टर ने जन औषधि केंद्र पर एक मरीज को लिखी गई सस्ती दवा देने से मना कर दिया। मरीज को 46 रुपये की दवा दी जाने वाली थी, जबकि बाजार में इसकी कीमत 250 रुपये है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने डॉक्टर की कार्रवाई को गलत बताते हुए सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी।
Dehradun News: देहरादून। अस्पताल परिसर स्थित जन औषधि केंद्र पर शुक्रवार दोपहर उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब ऑर्थो विभाग के एक डॉक्टर वहां पहुंचे और फार्मासिस्ट से एक मरीज को लिखी गई सस्ती दवा देने से मना कर दिया। इस घटना के बाद से डॉक्टरों द्वारा बाहर की महंगी दवाइयां लिखने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर ऑर्थो विभाग में आए एक मरीज को हड्डियों, नसों की मजबूती और शरीर में पोषक तत्वों की कमी दूर करने के लिए एक मल्टी-विटामिन और मल्टी-मिनरल सप्लीमेंट लिखा गया था। जन औषधि केंद्र पर इस दवा की कीमत मात्र 46 रुपये है, जबकि बाजार में यह दवा करीब 250 रुपये की मिलती है। जब डॉक्टर ने सीधे जन औषधि केंद्र पहुंचकर दवा न देने को कहा, तो वहां तैनात फार्मासिस्ट ने इसका कारण पूछा। डॉक्टर इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और केवल इतना कहा कि 'बस यह दवा यहां से नहीं देनी है'। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरएस बिष्ट ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य बेहद गलत है और कोई भी डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवा नहीं लिखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन औषधि से दवा वापस कराने वाले मरीज या केंद्र के कर्मचारी वह पर्चा सीधे उन्हें भेजें, ऐसा करने वाले डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इमरजेंसी से ओपीडी भेजी मरीज, बेहोश होने पर नहीं आई एंबुलेंस
देहरादून। शुक्रवार को 33 वर्षीय एक महिला कमजोरी और डायरिया की शिकायत पर इमरजेंसी में दिखाने के लिए आई थी। इसके बाद उसे ओपीडी भेज दिया। यहां महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। स्वास्थ्यकर्मियों ने एंबुलेंस बुलाई थी। एंबुलेंस में समान लोड किया जा रहा था। अन्य एंबुलेंस के ड्राइवर मौके पर मौजूद नहीं थे। करीब 20 मिनट के इंतजार के बाद तीमारदार मरीज को रिक्शे में लेकर इमरजेंसी गए। इसे लेकर वहां हंगमा हुआ। एमएस डॉ आरएस बिष्ट ने कहा कि जांच कराई जाएगी।
लापरवाही सामने आई है
निदेशक डॉक्टर आशुतोष सयाना ने पिछले दिन ही इमरजेंसी का औचक निरीक्षण किया था और ऐसे मरीजों को तत्काल भर्ती करने के लिए कहा था लेकिन फिर से लापरवाही सामने आई है।


