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गंगा में गंदा नाला गिरता देख DM दीपक रावत ने लिया एक्शन, बोले- लापरवाह अफसरों की जरूरत नहीं

हरकी पैड़ी और ऋषिकुल क्षेत्र में गंगा का स्थलीय निरीक्षण के दौरान गंगा में गिरते गंदे नाले को देखकर डीएम दीपक रावत का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जल संस्थान की सीवर डिवीजन के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ ही हरिद्वार से स्थानांतरण के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी अधिकारियों द्वारा गलत जानकारी दिए जाने पर भी खासे नाराज दिखे। डीएम को दोनों अफसरों पर इतना गुस्सा आया कि उन्होंने साफ कह दिया कि हरिद्वार को ऐसे लापरवाह अफसरों की जरूरत नहीं है।

विभागीय टीम को साथ लेकर हरिद्वार जिलाधिकारी दीपक रावत हरकी पैड़ी और ऋषिकुल क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। ऋषिकुल टंकी नंबर छह के पास बह रहे एक गंदे नाले का पानी सीधा गंग नहर में जाता देख जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों से मामले में जानकारी मांगी तो पता चला कि 2016 में संबंधित नाले को टैप कर दिया गया था। इसका रखरखाव सीवर डिविजन जल संस्थान के पास था। मौके पर पाया गया कि नाले के पानी को पंपिंग स्टेशन के माध्यम से जगजीतपुर एसटीपी भेजने के लिए स्टेशन तो बनाया गया लेकिन स्टेशन को वर्किंग में नहीं रखा गया।

जिसकी वजह से नाले की सप्लाई सीधा गंगा चैनल में हो रही थी। जिलाधिकारी ने इसे अधिकारियों की गैर जिम्मेदारना हरकत माना। और कहा कि हरिद्वार से बाहर स्थानांतरण के साथ ही शासन को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे। छापेमारी के दौरान नगर आयुक्त नगर निगम  नितिन भदौरिया, सिटी मजिस्ट्रेट मनीष सिंह, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नरेश पाल, गंगा प्रदूषण के अधिशासी अभियंता राजीव जैन, पेयजल निगम एई आरएस गुप्ताए जल संस्थान के एई राजेश कुमार आदि उपस्थित रहे।  

होटल स्वामी से 15 हजार जुर्माना वसूला 

जिलाधिकारी ने हरकी पैड़ी पर चोटीवाला होटल संचालक द्वारा होटल का गंदा पानी कूड़ा सहित नाली के माध्यम से सीवेज में बहता पाया गया। कूड़े की वजह से रोजाना सीवर चोक होकर गटर के उबलने से गंदा पानी हरकी पैड़ी पर फैल रहा था। जिलाधिकारी ने होटल स्वामी पर निगम के माध्यम से 15 हजार का जुर्माना वसूला। साथ ही दोबारा गलती करने पर होटल सीज की चेतावनी दी।

गलत जानकारी पर जिलाधिकारी भड़के 

भौतिक रूप से जांचने पर जिलाधिकारी ने पाया कि नाले का मात्र टेपिंग स्ट्रक्चर ही निर्मित किया गया है। जबकि अधिकारी नाला टैप कर दिए जाने की गलत जानकारी दे रहे है। इन अधिकारियों को फटकार लगाते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि टेपिंग से छूटे नालों को टैप किए जाने का कार्य नमामि गंगे योजना के माध्यम से किया जाना है।  लेकिन अधिकारी गलत जानकारी देकर सही ढंग से काम होने में बाधा पहुंचा रहे हैं। कागजों में गलत तरीके से नाले टैप दिखाए गए है। 

पॉलीथिन और प्लास्टिक मिलने पर गोदाम सीज 

जिलाधिकारी ने ज्वालापुर कटहरा बाजार में एक धार्मिक स्थल के गोदाम में पॉलीथिन और प्लास्टिक का सामान पकड़ा। गोदाम व दुकान को सीज कर दिया गया। गोदाम में सामान राजेश का रखा था। 

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  • Web Title:DM Deepak Rawat took action against two officers in pollution Ganga in Haridwar