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गढ़वाल यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में गड़बड़झाला, छात्रों को गलत पेपर थमाया

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एसजीआरआर पीजी कॉलेज में बॉटनी विषय में जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग के पेपर की जगह छात्रों को दूसरे विषय का पेपर थमाया गया। जिस विषय का पेपर छात्रों को दिया गया वह उनको कभी पढ़ाया ही नहीं गया। इससे बीएससी पांचवे सेमेस्टर के कुल 125 छात्र प्रभावित हुए हैं। विवि की ओर से भेजे गए इन प्रश्नपत्रों को लेकर कॉलेज ने विवि प्रशासन से शिकायत कर दोबारा सही पेपर भेजने की मांग की है। 

कालेज के प्राचार्य डा. बीए बौड़ाई ने बताया कि बीएससी में बॉटनी पेपर के तीन विकल्प होते हैं। लेकिन गढ़वाल विवि ने बीएसी पांचवें समेस्टर छात्रों को मुख्य परीक्षा के दिन जो पेपर आवंटित किए वह विषय कालेज में छात्रों को कभी पढ़ाया ही नहीं गया। जबकि कालेज की ओर से विवि को भेजी गये विषय सारणी में विषयों की सही सारिणी भेजी गयी थी। बताया कि इस संबंध में विवि प्रशासन को अवगत कराया गया। वहीं एसजीआरआर के प्रो.एचबी पंत ने बताया कि नये परीक्षा कार्यक्रम में स्किल हिंदी विषय के पेपर के लिए कोई डेट नहीं दी गई है। जनवरी माह में हुई परीक्षाओं में हरिद्वार के किसी कॉलेज में स्किल हिंदी के पेपर की सील पेपर के दिन से पहले ही खुल गयी थी। जिसके बाद एसजीआरआर पीजी में हिंदी का पेपर आयोजित नहीं करवाया गया। गणतंत्र दिवस परेड में गए छात्रों की परीक्षा भी नहीं हुई। 

आयुर्वेद विवि ने  सभी पास छात्रों के साक्षात्कार पत्र रोके  

उत्तराखंड आयुर्वेद विवि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद मंगलवार को छात्रों की तरफ से तीन आपत्तियां आईं। अभी आपत्तियों को खोला नहीं गया है। वहीं, विवि प्रशासन ने परीक्षाओं में किसी भी स्तर की धांधली से इनकार किया है। परीक्षा में 80 सवाल सैंपल पेपर से आने को भी मात्र संयोग माना है। आयुर्वेद विवि में चिकित्साधिकारियों का परिणाम सवालों के घेरे में आ गया है। हालांकि आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने साक्षात्कार पर रोक लगा दी है। लेकिन, विवि स्तर पर जिस तरह ‘सुपरस्पीड’ से परीक्षा कराई गई और परिणाम निकाला गया, वह सवालों के घेरे में है। असल में, गत रविवार को चिकित्साधिकारी प्रवेश परीक्षा हुई और उसमें जो प्रश्न पत्र आया वह 2007 में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर की एमडी की परीक्षा में आ चुका है। तब परीक्षा में जो अस्सी सवाल पूछे गये थे, वही प्रश्न आयुर्वेद विवि की बीते दिनों हुई परीक्षा में पूछे गये। कुलसचिव प्रो. अनूप कुमार गक्खड़ ने बताया कि अभी किसी को साक्षात्कार के लिये बुलाया ही नहीं गया है। उधर सचिव आयुष ने भी मामले में कुलपति से रिपोर्ट मांगी है। 

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  • Web Title:Disturbances in Garhwal University paper