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देहरादूनमिर्गी दवा मामले में डा. गुप्ता की सजा पर जिला अदालत ने दिया स्टे, मिली जमानत

देहरादून, कार्यालय संवाददाताPublished By: Thakur
Thu, 21 Dec 2017 09:00 PM
मिर्गी दवा मामले में डा. गुप्ता की सजा पर जिला अदालत ने दिया स्टे, मिली जमानत

ऋषिकेश स्थित नीरज क्लीनिक संचालक डॉ. आरके गुप्ता को मिर्गी रोग के इलाज में गलत दवा बांटने पर सीजेएम कोर्ट से सुनाए गई सजा के फैलसे पर जिला अदालत ने स्टे लगा दिया है। बुधवार को इस ही मामले में सीजेएम कोर्ट ने गुप्ता समेत 14 अन्य को सजा सुनाई थी, लेकिन एक दिन बाद ही फैसले पर स्थगन आदेश मिलने के बाद गुप्ता को गुरुवार को ही जमानत मिल गई। यह प्रकरण अब जिला एवं सत्र न्यायालय में चलेगा।

तीन अगस्त 2004 को ऋषिकेश स्थित डा. आरके गुप्ता के नीरज क्लीनिक में पुलिस और ड्रग विभाग ने छापा मारकर दवाएं दिए जाने का फर्जीवाड़ा पकड़ा था। इस मामले में डा. गुप्ता और उन्हें पुलिस हिरासत से छुड़ाने के मामले में बुधवार को सीजेएम कोर्ट ने फैसला सुनाया था। सीजएम कोर्ट से डा. गुप्ता को अलग-अलग धाराओं में कुल साढ़े छह वर्ष की सजा सुनाई गई थी। जबकि अन्य 14 आरोपियों को अलग-अलग धाराओं में अधिकतम एक-एक वर्ष की सजा सुनाई गई। प्रकरण में डा. गुप्ता को बुधवार को कोर्ट के फैसले के बाद जेल जाना पड़ा था। जबकि अन्य आरोपी मौके पर जमानत कराकर छूट गए थे।

डा. गुप्ता के अधिवक्ता रुपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि सीजेएम कोर्ट में आए फैसले के खिलाफ गुरुवार को जिला अदालत में अपील दायर की गई। जिसे जिला जज एनएस धनिक ने स्वीकार किया और सीजेएम कोर्ट के आदेश पर अग्रिम फैसले तक स्टे लगा दिया है। सीजेएम कोर्ट के फैसले पर स्टे होते ही डा. गुप्ता को गुरुवार को अदालत से जमानत मिल गई। अधिवक्ता भंडारी ने बताया कि इस मामले में जिला अदालत में ट्रायल चलेगा और अदालत जो फैसला देगी केस में वही फैसला आगे मान्य होगा।
 

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