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4 साल सुगम में तैनात कर्मचारियों की जाना होगा दुर्गम, जानिए तबादला एक्ट के बारे में

बहुप्रतिक्षित तबादला एक्ट आखिरकार मंजूर हो गया। गैरसैंण में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में  सर्वसम्मति से तबादला कानून पारित कर दिया गया।
इस कानून के अनुसार चार साल और अधिक समय से सुगम क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी का दुर्गम श्रेणी के क्षेत्रों में तबादला होगा।

दुर्गम क्षेत्र में तीन साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी सुगम में तबादले का पात्र हो जाएगा। सुगम से दुर्गम में जाने वाले कर्मचारी को दुर्गम क्षेत्र में मानक के अनुसार सेवा पूरी कर लेने पर दोबारा सुगम क्षेत्र में लाया जाएगा। उनके दुर्गम  से स्थानांतरित की तारीख का उल्लेख उनके तबादला आदेश में अनिवार्य रूप से किया जाएगा। तबादले केवल तीन प्रकार के ही होंगे। पहला सुगम से दुर्गम अनिवार्य, दूसरा दुर्गम से सुगम में अनिवार्य और तीसरा अनुरोध के आधार पर। समूह क और ख के अधिकारियों उनके गृह जनपद में तैनाती नहीं दी जाएगी। प्रशासनिक आधार पर हटाए गए कर्मचारी पांच साल तक उस पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं मिलेगी। प्रथम नियुक्ति अनिवार्य रुप से दुर्गम क्षेत्र में ही दी जाएगी।

अटैचमेंट सेवा नहीं आएगी दुर्गम में

दुर्गम क्षेत्र में सेवा वही मानी जाएगी जिसमें कोई कर्मचारी वास्तविक रूप में दुर्गम में रहा हो। जितना वक्त वह सुगम स्थान पर अटैच रहा हो, एक साल में एक महीने से ज्यादा लंबी छुटटी पर रहा हो तो उस अवधि को दुर्गम सेवा नहीं माना जाएगा।

10 विकल्प मांगे जाएंगे हर कर्मचारी से 

दुर्गम से सुगम में अनिवार्य तबादले के पात्र कर्मचारियों से उपलब्ध रिक्त स्थानों के आधार पर 10-10 विकल्प मांगे जाएंगे। सभी पात्र कर्मचारियों और रिक्त स्थानों को वेबसाइट पर भी दर्ज किया जाएगा।

यूं होगा सेवाओं का आंकलन 

सात हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र की सेवा को एक साल की सेवा को दो साल के बराबर माना जाएगा। जबकि सात हजार फीट से कम ऊंचाई वाले सुगम क्षेत्र की एक साल की नौकरी को एक साल तीन महीने के बराबर माना जाएगां नौकरी को

ज्वाइन न किया तो कार्रवाई 

तबादला कानून में कुछ कड़े प्रावधान भी किए गए हैं। जिस भी कर्मचारी का तबादला होगा, उसे अपने प्रतिस्थानी का इंतजार किए बिना ही एक सप्ताह के भीतर ज्वाइन करना होगा। हर तबादला की एक कापी संबंधित कोषागार को भी भेजी जाएगी। इससे ज्वाइन न करने की स्थिति में कर्मचारी को पूर्व के जिले से वेतन न मिल सकें। इसके साथ ही कर्मचारी को किसी भी प्रकार की छुटटी भी नहीं मिलेगी। ज्वाइन न करने वाले के खिलापफ कर्मचारी आचरण नियमावली  के तहत कठोर कार्रवाई भी जाएगी।

तबादले का स्थायी टाइम टेबल होगा

हर साल 31 मार्च तक विभागीय मुखिया मानक के अनुसार कार्यस्थलों का चिहृनीकरण करेंगे। 01 अप्रैल को मंडल और जिला स्तर पर तबादला समितियों का गठन। 15 अप्रैल तक तबादले के पात्र कर्मचारी, रिक्त स्थानों की सूची  वेबसाइट पर सार्वजनिक की की जाएगी।  20 अफ्रैल तक अनिवार्य श्रेणी कार्मिकों से 10 इच्छित विकल्प मांगे जाएंगे। 30 अप्रैल तक अनुरोध श्रेणी के कार्मिकों से आवेदन मांगे जाएंगे।  25 मई से  5 जून तक तबादला समिति की बैठक और सक्षम प्राधिकारी की संस्तुति दी जाएगी। 10 जून को तबादला आदेश जारी कर दिया जाएगा। 02 दिन बाद आादेश विभागीय वेबसाइट पर दर्ज किया जाएगा। आदेश के सात दिन के भीतर कार्यमुक्त होना होगा। 10 दिन के भीतर हर हाल में ज्वाइन करना होगा।

सुगम क्षेत्र: 

1. देहरादून (पर्वतीय क्षेत्र), टिहरी, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी(पर्वतीय क्षेत्र), रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत (पर्वतीय क्षेत्र) और नैनीताल (पर्वतीय क्षेत्र) के पक्के मोटरमार्ग पर या आधा किलोमीटर के दायरे में
 
2. सुगम की एक साल की तैनाती डेढ़ साल के समान:
देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, टिहरी, मुनि की रेती, नरेंद्र नगर,गोपेश्वर, हरिद्वार रुड़की, पौड़ी, उत्तरकाशी, कोटद्वार, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, रानीखेत, रुद्रपुर, काशीपुर, किच्छा, टनकपुर, चंपावत, लोहाघाट, नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर में एक साल की सेवा को डेढ़ साल माना जाएगा।
 
दुर्गम क्षेत्र: 

1.सुगम क्षेत्र के कार्यस्थल जो आधा किलोमीटर से ज्यादा पैदल दूरी पर हैं
2. पक्के मोटर मार्ग से दो किलोमीटर से अधिक पैदल दूरी पर स्थित कार्यस्थल
 
दुर्गम की एक साल की सेवा दो साल के समान:
पक्के मोटर मार्ग से  पांच किमी पैदल दूरी या 10 किमी से अधिक पैदल दूरी या 7000 फीट से ऊंचाई वाला कार्यस्थल की एक साल की सेवा दो साल के समान होगी।
 
सुगम और दुर्गम क्षेत्र

गढ़वाल मंडल

1-देहरादून:
सुगम: देहरादून निगम, मसूरी, ऋषिकेश, विकासनगर, हरबर्टपुर, डोईवाला पालिका, रायपुर, डोईवाला, विकासनगर, सहसपुर ब्लॉक
दुर्गम:  चकराता और कालसी
 
2-टिहरी:
सुगम: टिहरी, नरेंद्रनगर, देवप्रयाग, चंबा, मुनि की रेती पालिका, कीर्तिनगर नगर पंचायत, नरेंद्रनगर, चंबा, जौनपुर, कीर्तिनगर, थौलधार ब्लॉक
दुर्गम: नगर पंचायत घनसाली, गजा, लंबगांव, चमियाला,  ब्लॉक देवप्रयाग, भिलंगना, प्रतापनगर, जाखणीधार
 
3-चमोली:
सुगम: गोपेश्वर, गौचर, कर्णप्रयाग पालिका, नंदप्रयाग, गैरसैंण नगर पंचायत, दशौली, कर्णप्रयाग, गैरसैंण ब्लॉक
दुर्गम: जोशीमठ पालिका, बद्रीनाथ, पोखरी, थराली, पीपलकोटी नगर पंचायत,  घाट, नारायणबगड़, थराली, जोशीमठ, पोखरी, देवाल ब्लॉक
 
4-उत्तरकाशी:
सुगम: उत्तरकाशी, चिन्यालीसौड़, बड़कोट पालिका, नगर पंचायत नौगांव,ब्लॉक चिन्यालीसौड़, डुंडा, नौगांव
दुर्गम: गंगोत्री, पुरोला नगर पंचायत, मोरी, भटवाड़ी, पुरोला ब्लॉक
 
5-पौड़ी:
सुगम:पौड़ी, दुगड्डा, श्रीनगर, कोटद्वार पालिका, स्वर्गाश्रम, सतपुली नगर पंचायत, ब्लॉक खिर्सू, कोट,जयहरीखाल, कल्जीखाल, द्वारीखाल, दुगड्डा, पौड़ी
दुर्गम: ब्लॉक पाबौं, एकेश्वर, रिखणीखाल, वीरोखाल, पोखड़ा, नैनीडांडा, यमकेश्वर, थलीसैंण
 
6-रुद्रप्रयाग:
सुगम: रुद्रप्रयाग पालिका, अगस्त्यमुनि, तिलवाड़ा नगर पंचायत, ब्लॉक अगस्त्यमुनि
दुर्गम: ऊखीमठ, केदारनाथ नगर पंचायत, जखोली ब्लॉक
 
कुमाऊ मंडल
 
1-पिथौरागढ़:
सुगम: पिथौरागढ़, डीडीहाट पालिका, ब्लॉक मूनाकोट, कनालीछीना, बिण
दुर्गम:धारचूला पालिका, बेरीनाग, गंगोलीहाट नगर पंचायत, मुनस्यारी, गंगोलीघाट, धारचूला, बेरीनाग और डीडीहाट ब्लॉक
 
2-बागेश्वर:
सुगम: बागेश्वर पालिका, ब्लॉक बागेश्वर
दुर्गम:कपकोट नगर पंचायत, ब्लॉक कपकोट
 
3-अल्मोड़ा:
अल्मोड़ा, चिलियानौला पालिका, , भतरौज खान नगर पंचायत, छवनी बोर्ड रानीखेत, ब्लॉक ताड़ीखेत, चौखुटिया, हवालबाग, द्वाराहाट
दुर्गम: भिकियासैंण नगर पंचायत, ब्लॉक लमगड़ा, धौलादेवी, भैसियाछाना, भिकिसासैंण, स्यालदे,  ताकुला, सल्ट,
 
4-चंपावत:
सुगम:टनकपुर, चंपावत पालिका, लोहाघाट, बनबसा नगर पंचायत, ब्लॉक चंपावत, लोहाघाट
दुर्गम: पाटी, बाराकोट
 
5-नैनीताल:
सुगम:हल्द्वानी निगम, नैनीताल, भवाली, रामनगर पालिका, भीमताल, लालकुंआ, कालाढुंगी नगर पंचायत, रामनगर, हल्द्वानी, भीमताल ब्लॉक
दुर्गम: धारी, बेतालघाट, रामगढ़, ओखलकांडा, कोटाबाग

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