आरटीई का दायरा बढ़ाए जाने को जन संघर्ष मोर्चा ने विकासनगर तहसील घेरी
विकासनगर में जन संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा 12 तक निशुल्क शिक्षा की मांग को लेकर तहसील मुख्यालय का घेराव किया। मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने कहा कि वर्तमान में कक्षा 8 तक ही निशुल्क शिक्षा मिलती है, जिसे बढ़ाकर इंटरमीडिएट तक करना चाहिए।

विकासनगर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निशुल्क शिक्षा का दायरा कक्षा 12 तक किए जाने की मांग को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने तहसील मुख्यालय का घेराव किया। शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे मोर्चा कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरटीई के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में कक्षा 12 तक निशुल्क शिक्षा के साथ ही कोटा भी 35 से 40 फीसदी तक किया जाना चाहिए। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने कहा कि वर्तमान में आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) के प्रावधानों के तहत आठवीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा मुहैया कराई जा रही, जो किसी भी सूरत में तर्कसंगत नहीं है। सरकार को इसको आठवीं कक्षा से बढाकर इंटरमीडिएट तक करना चाहिए, जिससे गरीब व मध्यम वर्गीय परिवार अपने बच्चों को अच्छी व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करा सके। इसके साथ ही आरटीई के तहत निजी शिक्षण संस्थानों में निर्धारित 25 फीसदी कोटे को बढाकर 35 से 40 फ़ीसदी किए जाने की जरूरत है।
शिक्षा की स्थिति
कहा कि इस अधिनियम के तहत गरीब छात्रों को प्राइवेट व अन्य स्कूलों में आठवीं कक्षा तक तो नि:शुल्क शिक्षा मुहैया हो जाती है, लेकिन आठवीं के पश्चात छात्रों को या तो स्कूल छोड़ना पड़ता है या फिर सरकारी विद्यालयों में दाखिला लेना पड़ता है, जहां पढ़ाई में काफी भिन्नता होती है। जिस कारण कहा कि एक और जहां सरकार सांसदों की सुख -सुविधाओं, वेतन -भत्तों व पेंशनों पर प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं दूसरी और अगर सरकार इन गरीब छात्रों पर खर्च करेगी तो देश की दशा और दिशा दोनों बदल सकती हैं।
घेराव का नेतृत्व
घेराव करने वालो में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, अनुपम कपिल, हाजी असद, केसी चंदेल, अतुल हांडा, संजय गुप्ता, मोहम्मद नसीम, इस्लाम, राजेंद्र पंवार, विक्रम पाल, एमए सिद्दीकी, आरपी भट्ट, वाहिद कुरैशी, विनोद जैन, विनय गुप्ता, महेंद्र सिंघल, प्रोविर दास, पूरन सिंह राघव, सुरजीत सिंह, युवराज तोमर आदि शामिल रहे।
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