बैठकी और खड़ी होली हमारी संस्कृति की पहचान:गीता धामी
फोटो सहित ... महत्चपूर्ण----सीएम और कैबिनेट मंत्री धनसिंह की पत्नियों ने खेली होली ललित जोशी के निवास पर आयोजित बैठकी होली के दौरान कही। उन्होंने कहा

शास्त्रीय रागों और भक्तिपूर्ण काव्य से सुसज्जित बैठकी होली तथा सामुदायिक ऊर्जा से ओत-प्रोत खड़ी होली हमारी सांस्कृतिक निरंतरता और सामाजिक एकता की पहचान हैं। ये बात मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की पत्नी गीता धामी ने सोमवार को कुआंवाला स्थिति शिक्षाविद व सीआईएमए के चेयरमैन ललित जोशी के निवास पर आयोजित बैठकी होली के दौरान कही। उन्होंने कहा कि ये त्यौहार केवल रंगों का नहीं बल्कि प्रकृति के उल्लास का भी है। जो समाज में एक नया उत्साह भरता है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जमकर होली खेली। कार्यक्रम में बैठकी होली और खड़ी होली के माध्यम से गढ़वाल और कुमाऊँ की लोक परंपराओं का सुंदर संगम देखने को मिला।
इसी दौरान महिलाओं ने मधुर स्वरों में बैठकी होली प्रस्तुत की, जबकि पुरुषों ने ढोलक और हुड़के की थाप पर खड़ी होली गाकर माहौल को उत्साह से भर दिया। झोड़ा-चांचरी और न्योली जैसी पारंपरिक लोक विधाओं ने हिमालयी संस्कृति की आत्मा को सजीव कर दिया।कार्यक्रम में उप्रेती सिस्टर्स, लोकगायक बीरू जोशी, मनोज सामंत, गणेश कांडपाल और मनमोहन ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। होली के रंगों के साथ पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का भी लोगों ने लुत्फ लिया। कैबिनेट मंत्री डा. धनसिंह रावत की पत्नी डा. दीपा रावत ने कहा होली सामाजिक एकता के साथ ही आपसी मतभेद भुलाने का त्योहार है। कार्यक्रम के दौरान नेहा जोशी, रमेश जोशी, संजय जोशी, जानकी जोशी, सपना जोशी, बबीता जोशी सहित अनेक उपस्थित रहे।
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