
वंदे मातरम् हमारी अस्मिता, एकता व स्वतंत्रता का प्रतीक: डीएम
पौड़ी में वन्दे मातरम् गीत के 150 साल पूरे होने पर समारोह आयोजित किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने इस स्मरणोत्सव का वर्चुअल उद्घाटन किया, जिसमें सामूहिक गायन हुआ। डीएम स्वाति भदौरिया ने इसे राष्ट्रीय अस्मिता और एकता का प्रतीक बताया और नागरिकों से इसे गर्व के उत्सव के रूप में मनाने की अपील की।
पौड़ी। शुक्रवार को पौड़ी में वन्दे मातरम् राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने पर स्मरणोत्सव कार्यक्रमों का आयोजन उल्लासपूर्वक किया गया। पीएम नरेंद्र मोदी ने साल भर चलने वाले वन्दे मातरम् स्मरणोत्सव का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके बाद जिले में एक साथ “वन्दे मातरम्” का सामूहिक गायन हुआ। जिला सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि “वन्दे मातरम्” केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता, एकता और स्वतंत्रता का प्रतीक है। इस गीत ने देशवासियों में स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की भावना को जगाया, जो आज भी हमें एक सूत्र में बांधती है।

डीएम ने सभी नागरिकों से इस स्मरणोत्सव को राष्ट्रभक्ति और गर्व के उत्सव के रूप में मनाने की अपील भी की और कहा कि “वन्दे मातरम्” राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और एकजुटता का प्रतीक है। हमें इस गीत की भावना को अपने आचरण और कामों में जीवित रखना चाहिए ताकि राष्ट्रनिर्माण की दिशा में हर व्यक्ति की भूमिका सार्थक हो सके। कार्यक्रम में मौजूद अफसरों व कार्मिकों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का गायन किया। वहीं दूसरी ओर विकास भवन सभागार में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें जिला स्तरीय अफसरों व कार्मिकों ने दिल्ली से प्रसारित पीएम नरेंद्र मोदी का संदेश सुना। जिलेभर में तहसीलों, विकासखंडों व शैक्षिक संस्थानों में वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। इस मौके पर डीएम अनिल गर्ब्याल, मुख्य शिक्षाधिकारी नागेंद्र बर्तवाल, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर करन सिंह रावत सहित अन्य अफसर व कार्मिक मौजूद रहे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




