बॉडी मसाज के बहाने जाल में ब्लैकमेल करने वाले गैंग पर केस

हिन्दुस्तान, देहरादून
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बॉडी मसाज के माध्यम से एक व्यक्ति को हनी ट्रैप में फंसाकर झूठे बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी गई। पुलिस ने शिकायत पर मुख्य आरोपी महिला और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। अपराधियों ने लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने के लिए पीड़ित को परेशान किया।

बॉडी मसाज के बहाने जाल में ब्लैकमेल करने वाले गैंग पर केस

बॉडी मसाज के बहाने हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। शातिर गिरोह ने बॉडी मसाज सर्विस के नाम पर एक व्यक्ति को जाल में फंसाकर उसे झूठे बलात्कार के केस में फंसाने की धमकी दी। पिस्तौल की नोक पर लाखों रुपये की रंगदारी वसूली गई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुख्य आरोपी महिला समेत उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। राजपुर थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने बताया कि आईटी पार्क क्षेत्र निवासी 48 वर्षीय व्यक्ति ने तहरीर दी। बताया कि करीब 5-6 महीने पहले उनकी मुलाकात संदीप कौर नाम की महिला से व्हाट्सएप के जरिए हुई थी। आरोपी महिला ने अपनी फोटो भेजकर बॉडी मसाज के लिए 8,000 रुपये का रेट बताया और सर्विस दी। इसके बाद वह व्हाट्सएप कॉल के जरिए पीड़ित से लगातार संपर्क में रही और बीच-बीच में ऑनलाइन व कैश पैसे ऐंठती रही। आरोप है कि बीती 25 अप्रैल को संदीप कौर ने पीड़ित को कॉल कर 15 लाख रुपये कैश की मांग की। मना करने पर संदीप कौर और उसके साथियों राहुल, परविंदर सिंह व खुद को वकील बताने वाले अन्य लोगों ने आईटी पार्क पुलिस चौकी के बाहर पीड़ित को घेर लिया। उन्होंने पीड़ित को झूठे रेप केस में फंसाकर पूरी जिंदगी जेल में सड़ाने व जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे पीड़ित ने महिला के खाते में 1.10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने पैंट के अंदर से पिस्तौल दिखाकर पीड़ित को जबरन स्कूटी पर बैठाया और किरसाली चौक स्थित एसबीआई एटीएम ले गए, जहां डरा-धमकाकर 50,000 रुपये नकद निकलवाकर ले लिए।

छह लाख रुपये का जबरन कराया समझौता

गिरोह ने पीड़ित पर इस कदर दबाव बनाया कि जान बचाने के लिए पीड़ित को 1.80 लाख रुपये का चेक संदीप कौर के नाम भरना पड़ा। साथ ही आरोपियों ने डरा-धमकाकर अपनी शर्तों पर छह लाख रुपये का एक फर्जी समझौता नामा भी तैयार करवाकर उस पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित के अनुसार, उसके पास इस पूरी घटना की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग सबूत के तौर पर मौजूद है। एसओ पीडी भट्ट ने बताया कि आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीड़ित ने कब और कैसे आरोपियों के खिलाफ शिकायत की?
पीड़ित ने आईटी पार्क क्षेत्र में हुए अंधाधुंध दबाव और धमकी के बाद अपनी शिकायत दर्ज कराई।
Ankit Kumar Chaudhary

लेखक के बारे में

Ankit Kumar Chaudhary

शॉर्ट बायो : अंकित कुमार चौधरी पिछले 15 वर्षों से मुख्यधारा की पत्रकारिता में विश्वसनीय और अनुभवी नाम हैं। वर्तमान में वह HT Group के दैनिक हिन्दुस्तान में देहरादून में सीनियर सब एडिटर के रूप में कार्यरत हैं।


परिचय एवं अनुभव:

अंकित चौधरी उत्तराखंड की क्राइम रिपोर्टिंग में एक प्रतिष्ठित नाम है। वर्ष 2011 में देहरादून से प्रत्रकारिता की शुरुआत की। अंकित ने क्राइम, कोर्ट, सीबीआई, जिला प्रशासन और रक्षा (डिफेंस) जैसे चुनौतीपूर्ण और गंभीर बीट्स पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। पत्रकारिता के प्रति उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है। वे केवल समाचार रिपोर्ट नहीं करते, बल्कि उन 'ऑफबीट' और मानवीय संवेदनाओं वाली कहानियों को खोजने में विश्वास रखते हैं जो अक्सर मुख्यधारा की सुर्खियों से दूर रह जाती हैं।


कॅरियर का सफर

अंकित ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2011 में 'हिन्दुस्तान' के साथ बतौर रिपोर्टर की थी, जहां उन्होंने शुरुआती दौर में परिवहन और मंडी जैसी बीट से मुख्यधारा की पत्रकारिता में कदम रखा। इसके बाद 2013 से 2014 तक 'अमर उजाला' में रहते हुए उन्होंने क्राइम रिपोर्टिंग की बारीकियां सीखीं। 2014-15 में 'आईनेक्स्ट' (दैनिक जागरण समूह के दैनिक बाइलिंगुअल ) में सब-एडिटर के रूप में डेस्क और फील्ड का अनुभव लेने के बाद मई 2015 में पुनः 'हिन्दुस्तान' से जुड़े। पिछले नौ वर्षों से वे इसी संस्थान में अपराध,सीबीआई, कोर्ट, ईडी, विजिलेंस, जेल, डिफेंस फोर्सेस और प्रशासन जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग कर रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

अंकित ने पश्चिमी यूपी से स्कूलिंग के बाद देहरादून से बीबीएस की डिग्री ली। इसके बाद गढ़वाल विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है और वर्ष 2022 में रक्षा मंत्रालय के प्रतिष्ठित 'डिफेंस कॉरेस्पोंडेंट कोर्स' को किया है। उनका पेशेवर सफर अमर उजाला और आईनेक्स्ट जैसे संस्थानों से होकर गुजरा है, जिससे उन्हें जमीनी रिपोर्टिंग और संपादकीय बारीकियों की गहरी समझ मिली है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और अपराध रिपोर्टिंग

बीबीए और मास कम्युनिकेशन में पीजी डिप्लोमा होने के कारण अंकित मैनेजमेंट और पत्रकारिता का संयोजन हैं। पश्चिमी यूपी मूल के चलते अपराध की समझ भी बेहतर है। इसी वजह से बीट पर कमांड होने के साथ एक्सपर्ट वेरिफाइड और रिसर्च-ड्रिवेन स्टोरियां लिख रहे हैं


एंटरटेनमेंट और विजन

अंकित का मानना है कि आधुनिक युग में तकनीकी पकड़ के साथ रिपोर्टिंग के विषयों की बुनियादी समझ होना जरुरी है। अपने व्यस्त पेशेवर जीवन के बीच, अंकित स्वास्थ्य और फिटनेस को प्राथमिकता देते हैं। सुबह व्यायाम करना पसंद है। उन्हें यात्रा करना और खाली समय में पुस्तकें पढ़ना पसंद है। क्रिकेट खेलना और देखना पसंद करते हैं।


विशेषज्ञता

क्राइम, कोर्ट, सीबीआई, ईडी, सेना और स्थानीय मुद्दों की रिपोर्टिंग के साथ एक्सप्लेनर रिपोर्टिंग।

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