हरिद्वार में कब्रिस्तान प्रकरण में ब्लैकमेलिंग और फर्जीवाड़े का आरोप

हिन्दुस्तान, देहरादून
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हरिद्वार के सुभाषनगर कब्रिस्तान प्रबंधन समिति के सचिव ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्रिस्तान में गलत पंजीकरण कराया और 50 हजार रुपये की मांग कर ब्लैकमेल किया। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री प्रसारित कर मुस्लिम समुदाय में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की। पुलिस ने केस दर्ज किया है।

हरिद्वार में कब्रिस्तान प्रकरण में ब्लैकमेलिंग और फर्जीवाड़े का आरोप

हरिद्वार। भेल रानीपुर स्थित सुभाषनगर कब्रिस्तान प्रबंधन समिति के सचिव ने कुछ लोगों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्रिस्तान में गलत पंजीकरण कराने, रसीद जारी कराने का दबाव बनाने और 50 हजार रुपये की मांग कर ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया है। मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और कब्रिस्तान की तस्वीरें प्रसारित कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

आरोपियों के खिलाफ मामला

भेल रानीपुर निवासी वाजिद अली पुत्र इस्माईल ने बताया कि वह कब्रिस्तान प्रबंध समिति सुभाषनगर के सचिव है। बताया कि डीपीएस स्कूल के पीछे स्थित वक्फ कब्रिस्तान सार्वजनिक धार्मिक स्थल है, जहां सभी बिरादरियों के शव निशुल्क दफनाए जाते हैं। आरोप है कि बाबर खान पुत्र मुस्तकीम, फैजान उर्फ सोनू पुत्र यासीन माडू, साजिद समेत अन्य लोगों ने साजिश के तहत किसी अन्य व्यक्ति से मृत्यु पंजीकरण रजिस्टर और फार्म पर हस्ताक्षर कराए। साथ ही फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगे पहचान पत्रों की छायाप्रति कब्रिस्तान चौकीदार को देकर असली दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल किया गया।

ब्लैकमेलिंग का आरोप

आरोप लगाया गया कि बाद में इसी आधार पर कब्रिस्तान की रसीद जारी करने का दबाव बनाया गया। आरोपियों ने खुद को पत्रकार बताते हुए 50 हजार रुपये की मांग की और रुपये नहीं देने पर सोशल मीडिया में बदनाम करने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम नहीं देने पर आरोपियों ने फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब पर झूठे आरोपों के साथ भ्रामक सामग्री प्रसारित की। आरोप लगाया कि कब्रिस्तान की तस्वीरें और गेट के फोटो भी बिना अनुमति सोशल मीडिया पर वायरल किए गए, जिससे मुस्लिम समुदाय में वैमनस्य फैलने की आशंका पैदा हो गई है। इंस्पेक्टर मनोहर भंडारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को केस दर्ज कर लिया गया है।

सामान्य प्रश्न

कब्रिस्तान प्रबंधन समिति के सचिव ने किस पर आरोप लगाया है?
कब्रिस्तान प्रबंधन समिति के सचिव ने कुछ लोगों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्रिस्तान में गलत पंजीकरण कराने, रसीद जारी कराने का दबाव बनाने और 50 हजार रुपये की मांग कर ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया है।
Sagar Joshi

लेखक के बारे में

Sagar Joshi

शॉर्ट बायो : सागर जोशी, पिछले 13 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘दैनिक हिन्दुस्तान’ में हरिद्वार ब्यूरो इंचार्ज हैं।


परिचय एवं अनुभव
सागर जोशी हरिद्वार की पत्रकारिकता का जाना पहचाना नाम हैं। 2022 से हरिद्वार इंचार्ज की भूमिका में रहते हुए उन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाई है।


करियर का सफर
सागर ने राष्ट्रीय सहारा से वर्ष 2013 में हरिद्वार से करियर शुरू किया। इसके बाद दैनिक जागरण और दो बार अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबारों में उन्होंने काम किया। हरिद्वार के अलावा रुड़की और देहरादून में भी काम किया। वर्ष 2017 में बतौर रिपोर्टर हिन्दुस्तान में शुरुआत की और कुंभ 2021 में बेहतर कवरेज के बाद हिन्दुस्तान में स्टाफ रिपोर्टर बनने का मौका मिला। 2021 में देहरादून में काम करने के बाद 2022 में हरिद्वार ब्यूरो का इंचार्ज बनाया गया।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि
बीए समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान से करने के कारण राजनीति की समझ है। प्रदेश के सबसे अधिक अपराध वाले जिला हरिद्वार में काम करने के कारण अपराध में अच्छी पकड़। छह सालों का क्राइम रिपोर्टर का अनुभव।


विजन
खेल, क्राइम, अध्यात्म, राजनीतिक ऐनालिसिस विषयों में सागर की समझ है। इसके अलावा ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा नगर निगम, प्रशासन समेत कई एक्सलूसिव स्टोरी पर जोर होना चाहिए। सागर का मानना है कि एक अच्छे रिपोर्टर में केवल खबर लिखने की क्षमता ही नहीं, बल्कि कई मानवीय गुण भी होने चाहिए। रिपोर्टर हमेशा सवाल पूछने वाला और आसपास हो रही घटनाओं के प्रति सजग होना चाहिए। छोटी-सी जानकारी में भी खबर खोजने की क्षमता जरूरी है। सही और भरोसेमंद जानकारी देना पत्रकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। बिना पुष्टि के खबर न लिखना, कई स्रोतों से जानकारी लेना और संतुलन बनाए रखना जरूरी है। रिपोर्टर को किसी पक्ष, दबाव या निजी विचार से प्रभावित हुए बिना निष्पक्ष रहकर काम करना चाहिए। सरल, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में लिखने की क्षमता जरूरी है ताकि आम पाठक भी खबर आसानी से समझ सके। लोगों से बात करने, भरोसा जीतने और सही सवाल पूछने की कला रिपोर्टर को बेहतर बनाती है। इंटरव्यू लेने की क्षमता सबसे जरूरी है। खबर समय पर देना अब पत्रकारिता का मूल नियम है। आज के दौर में मोबाइल जर्नलिज्म, सोशल मीडिया, फोटो-वीडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म की समझ होना भी जरूरी है।


उपलब्धियां
तीन बार हिन्दुस्तान होनहार का अर्वाड मिला। अर्द्धकुंभ 2016, कुंभ 2021 की मीडिया कवरेज के अलावा कई बार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की कवरेज। काम के अलावा घूमना और खेलना, खेल में क्रिकेट, शतरंज, तैराकी में महाराथ


विशेषज्ञता
खेल
क्राइम
घोटाले (स्कैम/करप्शन) से जुड़ी रिपोर्टिंग
गहरी पड़ताल करने की क्षमता
दस्तावेज़ पढ़ने और समझने की योग्यता
सरकारी फाइलें, ऑडिट रिपोर्ट, आरटीआई जवाब
गोपनीय स्रोतों को संभालने की क्षमता
डेटा और डिजिटल जांच कौशल।

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