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फंडिंग पैटर्न बदलने से उत्तराखण्ड‍ को बजट में बड़ा घाटा

केंद्र सरकार ने जब कई योजनाओं का फंडिंग पैटर्न 50:50 से बढ़ाकर  90:10 किया तो राज्य को विकास योजनाओं ज्यादा बजट मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन हुआ ठीक इसका उल्टा।

योजनाओं में केंद्र का हिस्सा बढ़ जाने के बावजूद राज्य को अब तक बारह सौ करोड़ रुपए कम मिले हैं। बजट कम हो जाने का यह मुद्दा राज्य ने नीति आयोग के सामने उठाया है। राज्य में 60 के करीब केंद्र पोषित योजनाएं चल रही हैं। दो साल पहले तक ये योजनाएं 50:50 के फंडिंग पैटर्न, यानी इन पर खर्च होने वाले पैसे का आधा केंद्र और आधा राज्य देता था। पिछले वित्तीय वर्ष से केंद्र ने फंडिंग पैटर्न बदलते हुए इन योजनाओं में अपना अंशदान 50 से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया। इससे राज्य को बड़ी राहत की उम्मीद थी। लेकिन अब राज्य को केंद्र से पहले के बराबर बजट भी नहीं मिल पा रहा है। इससे राज्य के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। 

केस-1
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) में वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य को 50:50 के फंडिंग पैटर्न में केंद्रांश के रूप में 135 करोड़ रुपये मिले थे। अब यह योजना भी 90:10 के फंडिंग पैटर्न में बदल गई है, लेकिन केंद्र ने योजना के तहत कुल 70 करोड़ ही मंजूर किए हैं। 

केस दो
सर्व शिक्षा अभियान भी पहले 50:50 के पैटर्न में था। अब यह योजना भी 90:10 में बदल दी गई है। लेकिन इसके तहत निर्माण के लिए मिलने वाला बजट बंद कर दिया गया है। जिससे शिक्षा विभाग के तीन हजार से अधिक निर्माण कार्य लटक गए हैं। वित्त पोषित योजनाओं से सालाना तकरीबन चार हजार करोड़ मिलते हैं, लेकिन इस साल अभी तक 2800 करोड़ ही मिल पाए हैं। 

15वें वित्त की तैयारी शुरू 

14 वें वित्त में राज्य को हर साल 1400 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इसको दूर करने के लिए राज्य ने 15 वें वित्त की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि 14 वें वित्त में राज्य को वित्तीय प्रबंधन का नुकसान उठाना पड़ा। हिमाचल में कर्मचारी ज्यादा होने पर केंद्र ने हिमाचल का नॉन प्लान का खर्चा बढ़ा दिया, जबकि राज्य को कर्मचारी कम होने का भारी नुकसान उठाना पड़ा। अब सरकार 15 वें वित्त में इस कमी को दूर करने का प्रयास कर रही है। 

सही जानकारी मांगी गई है : सचिव 

अपर सचिव नियोजन डॉ. रंजीत सिन्हा का कहना है कि केंद्र पोषित योजनाओं में 90:10 का फंडिंग पैटर्न होने के बावजूद कई योजनाओं में बजट आवंटन कम हो गया है। सभी विभागों से बजट आवंटन की सही जानकारी मांगी गई है। जल्द ही इस संदर्भ में केंद्र को अवगत कराया जाएगा। 

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  • Web Title:Big loss in Uttarakhand budget by changing funding pattern
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