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31 अक्तूबर, 2020|4:01|IST

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कविताओं में कल्पना के रंग भरने वाले प्रसिद्ध चित्रकार बी मोहन नेगी नहीं रहे

कवि की कल्पना में रंग भरने वाले उत्तराखण्ड के प्रसिद्ध चित्रकार बी मोहन नेगी नहीं रहे। चित्रकार नेगी का दून के निजी अस्पताल में गुरुवार को निधन हो गया है। अपने 57 साल के चित्रकला जीवन में नेगी ने हजारों कविता पोस्टर, पेटिंग, रेखांकन और कोलाज बनाए। उनके विषय पहाड़ की संवेदना और उसकी पीड़ा को सजीव रूप से बयां करते थे। 

बी.मोहन नेगी चुक्खूवाला स्थित अपने पैतृक आवास में रहकर पिछले एक माह से अपना इलाज करवा रहे थे। गत 27 सितम्बर को उनके छोटे बेटे का पौड़ी में विवाह हुआ। जिसके बाद रूटीन चेकअप के लिए दून आ गए। उन्हें थायराइड की समस्या थी। बाद में निमोनिया हुआ और बिगड़ गया। उनकी भतीजी सपना ने बताया कि नेहरू कॉलोनी में चारधाम हॉस्पिटल के डा. केपी जोशी से उनका नियमित इलाज चल रहा था, लेकिन बुधवार रात साढ़े नौ बजे हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उन्हें ह्दयाघात भी हुआ। जिस पर परिजन उन्हें कैलाश अस्पताल ले गए।

उनका ईसीजी कराया गया, मगर स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें सीएमआई जाने की सलाह दी। ये सब हो पाता इससे पहले बी मोहन नेगी का निधन हो गया। उनके परिवार में पत्नी कल्पेश्वरी, पुत्र आशीष, अजय मोहन, बेटी हिमानी और शिवानी बिष्ट व उनके स्व.छोटे भाई हरिमोहन का परिवार हैं। जनकवि डा.अतुल शर्मा का कहना है कि बी मोहन नेगी ने मेरे पिता श्रीराम शर्मा की कविता श्रीदेव सुमन और मेरी कविता औरत की पीठ पर बंधा बच्चा है पहाड़.. पर सुंदर कविता पोस्टर बनाया। कई कवि सम्मेलनों में वह बगल में मौजूद रहे। उनसे मिलने का मतलब था कि हम बचपन की ओर लौट जाते। 

        परिचय 

  • बी मोहन नेगी (बृजमोहन सिंह नेगी)
  • जन्म स्थान : चुक्खुवाला, देहरादून
  • जन्म : 26 अगस्त 1952
  • मूल निवासी : पुंडोरी गांव, मनियारस्यूं पट्टी, पौड़ी गढ़वाल
  • पिता : भवानी सिंह नेगी
  • माता : जमना देवी
  • पत्नी : कल्पेश्वरी देवी
  • पुत्र : आशीष, अजय मोहन(विवाहित)
  • पुत्री : शिवानी, हिमानी(विवाहित)

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